Conversation: सीओ साहब चाहते है पूरा पैसा उन्हें मिल जाए, 1.4 करोड़ लूट में पुलिस की बातचीत का ऑडियो वायरल
Conversation: वाराणसी में भेलूपुर थानाक्षेत्र के बैजनत्था इलाके में 1.40 करोड़ रुपए की लूट
मामले में शनिवार को तीन ऑडियो वायरल हुए। यह ऑडियो लूट के आरोपी अजित मिश्रा की
कुछ पुलिस अफसरों से बातचीत से जुड़ा बताया जा रहा है। इस मामले को लेकर थाने से
जुड़े पांच पुलिस वालों को बर्खास्त तक कर दिया गया है। अब इस ऑडियो से लग रहा है
कि मामले की कड़ी थाने से ऊपर के अधिकारियों से जुड़ी है। ऑडियो को पूर्व आईपीएस और
आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने जारी किया है।
अमिताभ ठाकुर के अनुसार उन्हें विश्वस्त सूत्रों से यह रिकॉर्डिंग मिली है।
जो 30 मई 2023 की रात भेलूपुर पुलिस के उप निरीक्षक सुशील कुमार और उत्कर्ष चतुर्वेदी द्वारा
अजीत मिश्रा के साथ तब की बातचीत की बताई गई है जब पुलिस अजीत मिश्रा को 30 तारीख की
रात जबरदस्ती एक सफारी गाड़ी में बैठा कर पैसे की
वसूली के लिए वाराणसी से लखनऊ ले जा रही थी।
इस बातचीत में अजीत मिश्रा पैसे के जल्द बरामद होने की बात कह रहे हैं
और कह रहे हैं कि 49-50 लाख की बरामदगी की बात हो चुकी है,
जबकि पुलिस के अफसर कह रहे हैं कि सीओ साहब इस मामले में विशेष रूचि ले रहे हैं।
सीओ साहब हम लोगों को नहीं छोड़ेंगे, वे इस मामले में लगातार लगे हुए हैं। इस पर अजीत
मिश्रा यह कह रहे हैं कि सीओ साहब सेटलमेंट वाले हैं तो उन्होंने क्यों नहीं सेटलमेंट कर लिया।
पुलिस के अफसर कह रहे हैं सीओ साहब यह चाहते हैं कि सारा पैसा उन्हें मिल जाए,
वे मालामाल हो जाएं, बाकी किसी को कुछ मिले या ना मिले। यह भी कह रहे हैं
कि अब वे हम लोगों का नुकसान भी करेंगे। इसी बातचीत में एक पुलिसवाला कह रहा है
कि एडीसीपी साहब को बता दिया जाए कि 11:00 बजे तक पैसा हर हाल में आ जाएगा।
अमिताभ ठाकुर ने कहा कि इस प्रकार की बातचीत भेलूपुर लूटकांड को पूरी तरह
संदिग्ध बना देती है। जहां पुलिस के अभिलेखों में 5 जून को लूट की घटना दर्ज हुई,
वहीं उस से 6 दिन पहले ही पुलिस इस प्रकार बरामदगी का प्रयास करना और
इस प्रकार की बातचीत करना इस बात को स्पष्ट करता है
कि कथित लूट कांड में पुलिस वालों की मुख्य भूमिका थी।
इसमे संबंधित सीओ और एडीसीपी की भी भूमिका है।
अमिताभ ठाकुर ने पुलिस कमिश्नर वाराणसी को इस प्रकरण को सीबीआई को संदर्भित करने का
अनुरोध भी किया है और कहा है कि यदि ऐसा नहीं होता है तो वे इसे आगे ले जाएंगे।
क्या है पूरा मामला
वाराणसी के बैजनत्था स्थित आदि शंकराचार्य कॉलोनी स्थित गुजरात की फर्म के कार्यालय में
घुसकर 29 मई की रात 1.40 करोड़ रुपये की लूट को अंजाम दिया गया था।
गुजरात निवासी विक्रम सिंह ने अजीत मिश्रा और 12 अज्ञात
असलहाधारियों के खिलाफ डकैती सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया था।
उसके कार्यालय से लूटे गए रुपये में से 92.94 लाख रुपये दो दिन बाद 31 मई को पुलिस ने
खोजवां स्थित शंकुलधारा पोखरे के समीप खड़ी लावारिस कार से बरामद करने का दावा किया
था। जांच में पता चला कि लूटे के आरोपियों से भेलूपुर पुलिस की मिलीभगत थी।
इसके बाद भेलूपुर थाने के इंस्पेक्टर रमाकांत दुबे सहित
सात पुलिसकर्मियों को नौकरी से ही बर्खास्त कर दिया गया था।
गुजरात के जगदीश की पहल पर घटना को दिया गया अंजाम
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों से स्पष्ट हुआ है कि वारदात को गुजरात के हवाला कारोबारी
जगदीश पटेल की पहल पर अंजाम दिया गया। जगदीश पटेल को पता था
कि बड़ी मात्रा में नकदी वाराणसी ले जाई जा रही है। जगदीश पटेल ने अपने परिचित वसीम खान से
कहा कि रकम ले जाने वाले के पास उसका बड़ा बकाया है।
यदि उसे रकम मिल जाएगी तो सहयोग करने वालों को वह उचित हिस्सा देगा।
वसीम ने अपने परिचित प्रदीप पांडेय से संपर्क किया।
अजीत ने पुलिस की मदद से काम कराने का भरोसा दिया
प्रदीप पांडेय ने अपने परिचित घनश्याम मिश्रा से संपर्क किया। घनश्याम मिश्रा ने अपने परिचित
अजीत मिश्रा से संपर्क किया। इस पर अजीत मिश्रा ने कहा कि वह अपने परिचित
पुलिसकर्मियों की मदद से आसानी से यह काम करा देगा। इस तरह से जगदीश, वसीम, प्रदीप,
घनश्याम और अजीत ने आपसी सहमति से योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया।
