Solar Energy से जगमग होंगे गांव से लेकर शहर तक के सरकारी अस्पताल
solar energy: गांव से शहर तक के छोटे-बड़े सभी सरकारी अस्पताल अब
सौर ऊर्जा से जगमग होंगे। इनमें पंखा-बत्ती के साथ जांच के लिए जरूरी मशीनें भी
solar energy से ही चलाई जाएंगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने उत्तर प्रदेश स्टेट
कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (यूपी सिडको) से अनुबंध किया है।
अस्पतालों की क्षमता का किया जा रहा आकलन
अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों समेत चिकित्सा इकाइयों की क्षमता का आकलन किया जा रहा है।
इसके लिए सीएमओ के नेतृत्व में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की जा चुकी है।
जल्द ही खपत अनुसार सोलर पैनल लगाए जाने लगेंगे। सीएमओ डा. संदीप चौधरी ने बताया कि
solar energy आधारित विद्युत व्यवस्था से कटौती से आने वाली समस्या
खत्म हो जाएगी तो जेनरेटर व इनवर्टर जैसे विकल्प नहीं तलाशने होंगे।
चलाई जा सकेंगी ये मशीनें
डिजिटल एक्स-रे, पैथालाजी, अल्ट्रसाउंड समेत विभिन्न तरह की मशीनें भी सौर ऊर्जा से चलाई जाएंगी।
आनलाइन पर्चा, पैथालाजी रिपोर्ट और टेलीमेडिसिन सेवा आदि भी सुचारू रूप से संचालित किया जा सकेगा।
जिले के बड़े अस्पतालों में कबीरचौरा में मंडलीय व महिला अस्पताल, दीनदयाल अस्पताल,
रामनगर लालबहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सालय शामिल हैं। इसके अलावा
शहरी व ग्रामीण प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और वेलनेस सेंटर समेत 277 चिकित्सा इकाइयां हैं।
अस्पतालों में बिजली खपत
मंडलीय चिकित्सालय कबीरचौरा में 530 किलोवाट
महिला अस्पताल कबीरचौरा में 525 किलोवाट
लाल बहादुर शास्त्रीय चिकित्सालय रामनगर में 400 किलोवाट
पं. दीनदयाल चिकित्सालय पांडेयपुर में 190 किलोवाट
स्वामी विवेकानंद राजकीय चिकित्सालय भेलूपुर 25 किलोवाट
14 सीएचसी पर 1400 किलोवाट
38 पीएचसी पर 950 किलोवाट
220 हेल्थ वेलनेस सेंटर में 220 किलोवाट
कुल किलोवाट 4240 किलोवाट बिजली की खपत
इन चिकित्सालयों में इतने रुपये की बचत
मंडलीय चिकित्सालय में 24 लाख
डीडीयू अस्पताल में 1.22 लाख
लाल बहादुर शास्त्रीय चिकित्सालय में आठ लाख
क्या कहते हैं अधिकारी
गांव से शहर तक छोटी-बड़ी कुल 277 चिकित्सा इकाइयां व अस्पताल हैं।
इनमें चरणबद्ध तरीके से सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इसका विस्तार होने से
मरीजों को बहुत बड़ी राहत मिलने वाली है। –डा. संदीप चौधरी, सीएमओ वाराणसी
