इस पांच कारणों से डिक्लाइन हो जाता है Insurance क्लेम, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे वही गलती
Insurance:किसी भी गाड़ी को चलाने के लिए इंश्योरेंस करवाना जरूरी है.
कुछ लोग ट्रैफिक पुलिस और चालान से बचने के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस करवा लेते हैं.
दुर्घटना होने की स्थिति में उन्हें क्लेम लेने में परेशानी होती है.
दरअसल इसमें गाड़ी की मरम्मत नहीं होती बल्कि इसमें बैठे लोगों की सुरक्षा के लिए यह इंश्योरेंस होता है.
इसके अलावा जीरो परसेंट इंश्योरेंस(Insurance) होने के बावजूद
भी कुछ लोगों को कंपनी क्लेम देने से मना कर देती है. इसके पीछे की कई वजह है.
लापरवाही से गाड़ी चलाने पर दुर्घटना हो जाती है. गाड़ी चलाने वाली की उम्र 18 वर्ष से कम या वह नशे में हो
तो ऐसे में किसी भी तरह से इंश्योरेंस (Insurance) क्लेम नहीं कर सकते हैं.
वैलिड लाइसेंस के साथ चलाएं गाड़ी
लंबी दूरी की यात्रा पर जाने के लिए कुछ लोग अपने दोस्तों या रिश्तेदारों को गाड़ी चलाने के लिए दे देते हैं.
जिनके पास लाइसेंस नहीं होता या फिर इसकी वैलिडिटी खत्म हो जाने पर
इंश्योरेंस (Insurance) कंपनी दुर्घटना होने की स्थिति में क्लेम देने से सीधे तौर पर मना कर देती है.
वहीं दूसरी तरफ गाड़ी सिखाते समय दुर्घटना होने पर क्लेम नहीं ले सकते हैं.
लाइसेंस की वैलिडिटी समाप्त होने के बावजूद गाड़ी चलाने पर इंश्योरेंस क्लेम खारिज हो सकता है.
इश्योरेंस करवाएं खुद के नाम
सेकंड हैंड गाड़ी खरीदने के बाद कुछ लोग इसे अपने नाम पर करवाए बिना ही चलाते हैं.
कभी भी ऐसी गलती ना करें. इसे खरीदने के बाद अपने नाम पर जरूर करवा लें.
केवल आरसी ट्रांसफर करने पर इंश्योरेंस क्लेम नहीं कर सकते हैं.
इसके लिए इंश्योरेंस आरसी और अन्य सभी डाक्यूमेंट्स को अपने नाम पर जरूर करवाएं.
सीएनजी किट की जानकारी दें
इसके अलावा पेट्रोल गाड़ी में अलग से सीएनजी किट या एलपीजी किट लगवाने के बाद इसे रजिस्ट्रेशन पर
सर्टिफाई नहीं करवाने पर भी इंश्योरेंस कंपनी क्लेम नहीं देती हैं. रजिस्ट्रेशन पर
इसे सर्टिफाई करवाने के बाद इसकी जानकारी इंश्योरेंस कंपनी
को दें और उसे अपने इंश्योरेंस कवर लेटर पर भी मेंशन करवाएं.
नशे में न चलाएं गाड़ी
इंश्योरेंस कंपनी उस स्थिति में भी क्लेम को रिजेक्ट कर देती हैं यदि ड्राइवर हादसे के समय नशे में हो.
इसके लिए कंपनी किसी भी हाल में जिम्मेदारी नहीं लेती है.
निजी कार का कमर्शियल यूज
इंश्योरेंस और आरसी पर इस बात की सीधी तौर पर जानकारी होती है
कि वाहन प्राइवेट यूज के लिए है या कमर्शियल. यदि किसी प्राइवेट व्हीकल का हादसा
कमर्शियल एक्टिविटी के दौरान होता है तो इसके लिए भी इंश्योरेंस कंपनी क्लेम नहीं देती है.
वहीं नो पार्किंग में खड़ी गाड़ी को पहुंचा नुकसान भी क्लेम के लिए अनफिट होता है.
साथ ही हादसे की जानकारी 48 से 72 घंटे के अंदर इंश्योरेंस कंपनी को देनी जरूरी होती है.
