vehicle insurance: गाड़ी कितनी डैमेज होने पर मिल सकता है इंश्योरेंस का पूरा पैसा? यहां जानें नियम और जरूरी बातें
vehicle insurance: आप गाड़ी चलाते हैं, तो आपके लिए ये जरूरी हो जाता है कि आपको ड्राइविंग आने के अलावा कई अन्य चीजों के बारे में पूरी तरह पता हो।
ऐसा इसलिए भी जरूरी है क्योंकि आपकी एक छोटी सी गलती आपकी गाड़ी का चालान तक कटवा सकती है। जैसे- गाड़ी की इंश्योरेंस पॉलिसी।
दरअसल, अगर आपकी गाड़ी का इंश्योरेंस नहीं है तो आपका भारी भरकम चालान कट सकता है। इसके अलावा गाड़ी चोरी होने पर या गाड़ी खराब होने पर यही इंश्योरेंस पॉलिसी आपके बेहद काम आ सकती है।
हालांकि, इंश्योरेंस क्लेम करने पर कंपनी के नियमों के तहत ही आपकी मदद की जाती है। तो चलिए जानते हैं इंश्योरेंस क्लेम के बारे में। आप आगे इस बारे में विस्तार से जान सकते हैं…
दरअसल, गाड़ी का नुकसान होने पर इंश्योरेंस कंपनी इसकी भरपाई करती है। गाड़ी चोरी होने की स्थिति में या डैमेज होने की स्थिति में भी इंश्योरेंस कंपनी गाड़ी की पूरी कीमत भी चुकाती है।
पूरा पैसा कब मिलेगा?
अगर आपको कार डैमेज होने पर पूरा पैसा चाहिए, तो नियमों के तहत इसके लिए गाड़ी को पूरा नुकसान पहुंचना चाहिए यानी गाड़ी चोरी हो जाए तब ऐसा हो सकता है।
यहां ये भी समझ लें कि गाड़ी को इंश्योर्ड डिक्लेयर्ड वैल्यू यानी आईडीवी से ज्यादा नुकसान पहुंचता है,
तो फिर बीमा कंपनी पॉलिसी होल्डर को पूरा पैसा देगी। इसलिए आपको इस बात का ध्यान रखना होता है।
हर गाड़ी की आईडीवी वैल्यू होती है, जिसे कंपनी गाड़ी चोरी होने पर या डैमेज होने पर आपको देती है। ये सबसे अधिकतम रकम होती है,
जो इंश्योरेंस कंपनी ग्राहक को देती है। आप इसे ऐसे समझ सकते हैं कि अगर आपकी गाड़ी की आईडीवी वैल्यू 4 लाख रुपये है।
ऐसे में अगर आपकी गाड़ी को इस वैल्यू के 75 फीसदी या इससे ज्यादा नुकसान पहुंचता है, तो फिर इसे टोटल लॉस माना जाता है। ऐसे में इंश्योरेंस कंपनी आपको आईडीवी के हिसाब से पैसा देती है।
इस बात का जरूर रखें ध्यान
अगर आपकी गाड़ी का टोटल लॉस होता है, तो आपको मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 के तहत गाड़ी का टोटल लॉस होने के 14 दिनों के अंदर संबंधित रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस यानी आरटीओ को जानकारनी देनी होती है।
