sugar factory: उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए बड़ा संदेश, पर्ची पानी है तो करना होगा यह काम
sugar factory: सरकार की ओर से यूपी के गन्ना किसानों के लिए बड़ा संदेश दिया गया है।
चालू पेराई सत्र में कुछ किसानों के 24 घंटे की अवधि बीत जाने पर भी मोबाइल नेटवर्क के क्षेत्र में न आने,
एसएमएस इनबॉक्स भरे होने, डीएनडी सर्विस एक्टिवेट होने अथवा मोबाइल नम्बर त्रुटिपूर्ण होने या बदल देने के कारण
गन्ना पर्ची का एसएमएस उनके मोबाइल नम्बर पर डिलीवर नहीं हो पा रहा है।
जिस कारण किसानों को अपने गन्ने की आपूर्ति करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
गन्ना आयुक्त संजय आर.भूसरेड्डी ने गन्ना कृषकों से अपील की है कि वह एसजीके यानी स्मार्ट गन्ना किसान पर
पंजीकृत अपने मोबाइल नम्बर की जांच कर लें। अगर मोबाइल नम्बर गलत है
अथवा नया मोबाइल नम्बर लिया गया है तो अपने गन्ना पर्यवेक्षक के जरिए
अथवा समिति सचिव से सम्पर्क कर सही मोबाइल नम्बर अपडेट करा लें।
पर्ची प्राप्त करने के लिए मोबाइल को चार्ज रखें और मैसेज इनबॉक्स खाली रखें एवं अपने मोबाइल नम्बर पर
डीएनडी एक्टिवेट न कराये जिससे एसजीके सिस्टम द्वारा भेजी गई पर्ची उनके मोबाइल नम्बर पर समय से प्राप्त हो
जाएं। नेटवर्क क्षेत्र से बाहर होने की स्थिति या फिर डीएनडी एक्टिवेट होने पर गन्ना पर्ची का
एसएमएस 24 घंटे बाद स्वतः निरस्त हो जाएगा। जिसके कारण
गन्ना किसानों को अपनी गन्ना पर्ची की जानकारी प्राप्त नहीं हो पाएगी।
उन्होंने गन्ना किसानों से यह भी अपील की है कि जिन गन्ना किसानों द्वारा तकनीकी कारणों जैसे
इण्टरनेट की स्लो स्पीड, बिजी सर्वर आदि कारणों से अभी भी घोषणा-पत्र नहीं भरा गया है।
वह तत्काल अपना घोषणा-पत्र भर दे अन्यथा की स्थिति में उनका सट्टा सिस्टम द्वारा स्वतः लॉक हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि गन्ना विकास विभाग द्वारा उच्च तकनीकी पर आधारित एसजीके सिस्टम द्वारा गन्ना किसानों को
एसएमएस गन्ना पर्ची भेजने का कार्य सुचारू रूप से किया जा रहा है।
प्रदेश के 46.42 लाख गन्ना आपूर्तिकर्ता किसानों को वर्तमान पेराई सत्र में अब तक इन्टेण्ट जारी करने वाली
82 चीनी मिलों द्वारा लगभग 60 लाख गन्ना पर्चिया कैलेण्डर के बेसमोड पर जारी की गई हैं।
इनमें लगभग 2.55 लाख पर्चियां छोटे किसानों को भी कैलेण्डर के बेसमोड पर जारी की गई हैं।
