rickshaws: प्रशासन का बड़ा फैसला, यूपी में यहां नहीं चल सकेंगे ई-रिक्शा, जानें वजह
rickshaws: ई-रिक्शा को लेकर मथुरा जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है।
रंगभरनी एकादशी को देखते हुए वृंदावन के अंदर गुरुवार शाम से
ई-रिक्शा संचालन प्रतिबंधित कर दिया है। जो लगातार शनिवार तक जारी रहेगा।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने वृंदावन के अंदर
ई-रिक्शा (rickshaws) संचालन बंद करने का निर्णय लिया है।
अगर ई-रिक्शा संचालित मिले तो पुलिसकर्मी उनको सीज करने की कार्रवाई करेंगे।
यातायात पुलिस प्रभारी रवि भूषण शर्मा ने बताया कि तीन मार्च को पड़ने वाली रंगभरनी
एकादशी के चलते दो मार्च शाम से लेकर चार मार्च तक वृंदावन के अंदर
ई-रिक्शों (rickshaws) का संचालन प्रतिबंधित कर दिया गया है।
चहां रूट स्टीकर वाले ई-रिक्शा हो या अन्य किसी प्रकार के ई-रिक्शा, सभी का संचालन बंद रहेगा।
अगर वृंदावन के अंदर शनिवार तक ई-रिक्शाओं का संचालन मिलता है
तो पुलिसकर्मी उनको सीज कर देंगे। ई रिक्शा चालक समिति पंजीकृत वृंदावन मथुरा ने
ई-रिक्शा चालकों से अपील की है कि 04 मार्च तक वृंदावन शहर में ई-रिक्शों का संचालन न करें।
वृंदावन के बाहर इनका संचालन हो सकता है। अगर ई-रिक्शा चलता मिला तो
प्रशासन के अनुसार वह ई-रिक्शा सीज कर दिए जाएंगे।
रेतिया बाजार में व्यापारियों ने ई-रिक्शा रोकने को लगाए पोल
बेतहाशा ई-रिक्शा संचालन से परेशान व्यापारियों ने रेतिया बाजार में पोल गढ़वाकर
ई-रिक्शा संचालन बंद करा दिया है। अब इस बाजार की तरफ ई-रिक्शा नहीं जा पाएंगे।
जबकि अन्य स्कूली या आपातकाल वाहनों के लिए पोल को हटा दिया जाएगा।
व्यापारियों की समस्या को देखते हुए नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की
रेतिया बाजार व्यापार मंडल ने खुद के खर्चे पर सड़क में
गड्ढे करके रेतिया बाजार में दो पोल लगवा दिए हैं।
व्यापार मंडल के चेयरमैन धनेंद्र अग्रवाल बॉबी ने बताया कि रेतिया बाजार में आए
दिन ई-रिक्शा से लगने वाले जाम और ई-रिक्शा संचालकों के लड़ाई झगड़े से
व्यापारी परेशान चल रहे थे। यहां ग्राहकों के साथ विदेशी श्रद्धालु शोरूमों पर चढ़ने से
कतराने लगे और इसकी शिकायत कर रहे थे। इसीलिए व्यापारियों ने खुद के
खर्चे पर पोल लगवाकर ई-रिक्शा संचालन बंद करा दिया है।
अब शांति सुकून से व्यापारी व्यापार कर रहे हैं। वहीं आपातकाल वाहन या स्कूली वाहन के लिए
पोल निकालने और फिर से लगाने की जिम्मेदारी आसपास के दुकानदारों ने ले ली है।
इससे बहुत बड़ी समस्या हल हो गई है। वहीं इन पोलों को देखते हुए लोई बाजार और
प्रताप बाजार के व्यापारी भी अपने बाजार में पोल लगाने की मांग कर रहे हैं।
