Registration:अब नई गाड़ी खरीदने जा रहे हों तो आधार से लिंक मोबाइल नंबर रखें साथ, आरटीओ ने बनाया ये नया सिस्‍टम

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Registration:अब नई गाड़ी खरीदने जा रहे हों तो आधार से लिंक मोबाइल नंबर रखें साथ, आरटीओ ने बनाया ये नया सिस्‍टम

registration: नया वाहन खरीदने जा रहे हैं तो आधार से लिंक मोबाइल नंबर या कोई और व्यक्तिगत नंबर जरूर रखें।

दरअसल, रजिस्ट्रेशन में डीलरों की मनमानी रोकने के लिए परिवहन मुख्यालय ने नई व्यवस्था की है।

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इसके तहत रजिस्ट्रेशन से पहले वाहन मालिक के मोबाइल पर ओटीपी आएगा, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया पूरी होगी।

कानपुर संभाग में 11783 वाहन मालिकों को चालान और अन्य जानकारी मोबाइल पर नहीं मिल रही थी।

इस पर परिवहन विभाग के पास शिकायतें आने लगीं। इनकी जांच में खुलासा हुआ

कि डीलरों ने रजिस्ट्रेशन (registration) के दौरान वाहन मालिकों के बजाय कोई और ही मोबाइल नंबर डाल दिया।

इसे लापरवाही कहें या कुछ और, पिछले साल नवंबर-दिसंबर में खरीदे गए

लगभग 9876 नए वाहनों में से 2132 के रजिस्ट्रेशन में मालिक का नंबर अपडेट ही नहीं किया गया।

नए वाहन के रजिस्ट्रेशन का सिस्टम नया वाहन खरीदने पर निवास प्रमाणपत्र, आधार कार्ड और एक फोटो के साथ

कीमत चुकानी होती है। इसके बाद बिक्री लेटर, वाहन निर्माता कंपनी के

इंजन और चेसिस नंबर अंकित पत्र, फाइनेंस की स्थिति में फाइनेंस करने वाली कंपनी के अधिग्रहण पत्र के साथ

रजिस्ट्रेशन (registration) की प्रक्रिया डीलर के यहां ही शुरू हो जाती है। इसमें दस्तावेजों के साथ

वाहन का टैक्स जमा करने के लिए मोबाइल नंबर भी देना होता है, जिस पर ओटीपी आता है।

ओटीपी आने बाद प्रक्रिया पूरी हो जाती है और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी हो जाता है।

मूल आरसी बाद में आरटीओ से जारी होती है। रजिस्ट्रेशन की इसी प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में वाहन मालिकों के

बजाय कोई और नंबर डाल कर रजिस्ट्रेशन कर दिया गया। इसलिए बाद में परिवहन विभाग की ओर से

एसएमएस के जरिए जो भी अपडेट भेजे गए, वे कभी इन वाहन मालिकों को मिले ही नहीं।

कैफे से कराते हैं वाहनों का पंजीयन

डीलरों के यहां नए वाहनों के पंजीकरण की शत-प्रतिशत व्यवस्था तो लागू कर दी गई है

पर कई डीलरों के पास इसका इंतजाम ही नहीं है। आरटीओ की 10 सदस्यीय कमेटी की जांच में खुलासा हुआ है

कि साकेतनगर, फजलगंज और रामादेवी स्थित वाहन शोरूमों से वाहन तो बिक रहे थे

पर पंजीकरण का काम इंटरनेट कैफे वाले कर रहे थे। जांच अधिकारियों में से एक आरआई अजीत सिंह ने बताया कि

इन शोरूमों की रिपोर्ट बनाकर आरटीओ को दे दी गई है। एआरटीओ

प्रवर्तन सुनील दत्त ने भी माना कि कई वाहन डीलर दूसरी जगह से पंजीकरण करा रहे थे।

कानपुर में वाहन

– कुल रजिस्टर्ड वाहन 16,11,765

– हर दिन नए वाहनों का पंजीयन 180

– हर दिन हो रही थी गलत मोबाइल नंबरों की फीडिंग 38-40

 

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Ajay Sharmahttps://computersjagat.com
Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

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