Railway Track: रेलवे ट्रेक पर आखिर क्यों बिखरे होते हैं पत्थर? कभी सोचा है आपने, असल वजह जानकर चकरा जाएगा सिर
Railway Track: आपने ट्रेनों में कई बार सफर किया होगा. इस सफर के दौरान आपने देखा होगा
कि रेल ट्रेक पर पत्थर बिखेरे जाते हैं. आखिर इन पत्थरों का ट्रेन के परिसंचालन से
क्या संबंध होता है. क्या आपने कभी इस ओर ध्यान दिया है.
अगर नहीं तो चिंता की कोई बात नहीं, आज हम आपको
इसके बड़े लॉजिक के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं.
रेलवे ट्रैक पर पत्थर बिछे होने की वजह (Stone on Railway Track)
ट्रेन के गुजरने से नहीं होता कंपन
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक जब कोई ट्रेन तेज स्पीड में ट्रैक पर दौड़ती है
तो उससे काफी शोर और कंपन होता है. इस कंपन-शोर को कम करने के लिए
ट्रेक पर पत्थर बिखेरे जाते हैं. इन पत्थरों को बैलेस्ट भी कहा जाता है. ये पत्थर शोर-कंपन को
सोख लेते हैं, जिससे ट्रेन में बैठे और बाहर खड़े लोग परेशानी से बच जाते हैं.
ट्रेक पर नहीं लगता गंदगी का ढेर
जब कोई ट्रेन लंबे समय तक बड़े रेलवे स्टेशनों पर रुकती है तो उसमें बैठे लोगों के टॉयलेट यूज
करने की वजह से गंदगी नीचे ट्रेक पर गिरती रहती है. ऐसे में ट्रेक पर गिरे
पत्थर उस गंदगी को सोख लेते हैं. अगर ट्रेक पर वे पत्थर (Stone on Railway Track) न हो तो
वहां गंदगी का ढेर लग जाए और लोगों का एक मिनट भी खड़े रहना मुश्किल हो जाए.
स्लीपर्स को धंसने से रोकते हैं
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक ट्रेक पर पटरियों को टिकाने के लिए
कंक्रीट से बने स्लीपर्स लगाए जाते हैं. ट्रेक पर डाले गए पत्थर उन स्लीपर्स को फैलने से रोकते हैं.
ऐसा न करने पर ट्रेन पटरी से उतर सकती है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है.
ये पत्थर (Stone on Railway Track) ट्रेक की मिट्टी को
धंसने से भी रोकते हैं, साथ ही ट्रेक पर झाड़ियां उगने से भी रोकते हैं.
