Personal loans:लोन लेना हुआ और महंगा! SBI समेत इन तीन बैंकों ने बढ़ाईं ब्याज दरें
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआइ और निजी क्षेत्र के दो बड़े बैंक कोटक महिंद्रा बैंक और
फेडरल बैंक की ओर से मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड रेट (MCLR) में इजाफा कर दिया गया था।
एमसीएलआर वह दर होती है, जिसके आधार पर सभी अपने ग्राहकों को होम लोन, ऑटो लोन और कार लोन देते हैं।
आरबीआइ की ओर से रेपो रेट में बढ़ोतरी होने के बाद सभी बैंकों की ओर से ब्याज दर को बढ़ाया जा रहा है।
पिछले पांच महीनों में केंद्रीय बैंक रेपो रेट को 4 प्रतिशत से बढ़ाकर
5.9 प्रतिशत कर चुका है। आखिरी बार आरबीआइ ने रेपो रेट 30 सितंबर को बढ़ाई थी।
SBI ने किया ब्याज दरों में इजाफा
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने एक साल के एमसीएलआर को 25 आधार अंक या 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर
7.95 प्रतिशत कर दिया है। इसके साथ- साथ दो साल के लिए उपयोग होने वाले
एमसीएलआर को बढ़ाकर 8.15 प्रतिशत कर दिया है, जो पहले 7.90 प्रतिशत था।
वहीं, तीन साल के एमसीएलआर को बढ़ाकर 8.25 प्रतिशत कर दिया है। ये दरें 15 अक्टूबर से लागू हो गई हैं।
Kotak Mahindra Bank और Federal Bank ने ब्याज दरों में किया इजाफा
कोटक महिंद्रा बैंक ने भी लगभग सभी एमसीएलआर को बढ़ाकर 7.70 -8.95 प्रतिशत कर दिया है।
एक साल की एमसीएलआर बढ़कर 8.75 प्रतिशत हो गई है। ये दरें 16 अक्टूबर से लागू हो गई हैं।
फेडरल बैंक की ओर से एक साल की एमसीएलआर को बढ़ाकर
8.70 प्रतिशत कर दिया गया है और ये 16 अक्टूबर से प्रभावी हो गई है।
अन्य बैंक भी बढ़ा चुके हैं ब्याज दर
आरबीआइ की ओर से रेपो बढ़ाने के कारण पहले भी कई निजी और सरकारी बैंक ब्याज दरों में इजाफा कर चुके हैं।
ब्याज दर बढ़ने के कारण आम आदमी के लोन लेना पहले के मुकाबले महंगा होगा गया है।
