pension scheme पर जो किसी से नहीं हुआ वो इस सरकार ने कर दिखाया, बताया कैसे की गई बहाल
pension scheme: पुरानी पेंशन योजना को लागू करने को लेकर देशभर में काफी चर्चा चल रही है.
देश के कुछ राज्यों में पुरानी पेंशन (Old Pension) को बहाल कर दिया गया है.
कुछ राज्यों में चुनावी मौसम के बीच विभिन्न राजनीतिक दल ओल्ड पेंशन को लागू करने के लिए वादा कर रहे हैं.
इस बीच हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (CM Sukhvinder Singh Sukhu) ने पुरानी पेंशन को
लेकर बड़ी जानकारी दी है. सीएम सुक्खू ने बताया कि राज्य सरकार ने पुरानी पेंशन योजना (pension scheme) की
बहाली करने की घोषणा करने से पहले जरूरी बजटीय प्रावधान किए हैं.
सीएम ने पूर्व भाजपा प्रशासन की आलोचना की
सुक्खू ने एक बयान में कहा कि हिमाचल कैबिनेट ने विचार-विमर्श के बाद राज्य मंत्रिमंडल की पहली बैठक के दौरान
योजना की बहाली को मंजूरी दे दी है. कांग्रेस, विधानसभा चुनाव से पहले अपने ‘प्रतिज्ञा पत्र’ में किए
गए सभी वादों को पर्याप्त वित्तीय प्रावधान करने के बाद चरण दर चरण पूरा करेगी.
मुख्यमंत्री सुक्खू (Sukhvinder Singh Sukhu) ने वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का वादा करते हुए
कथित तौर पर कर्मचारियों के बकाये का भुगतान करने में विफल रहने के लिए पूर्व भाजपा प्रशासन की आलोचना की.
ओल्ड पेंशन के लिए एक महीने का अल्टीमेटम
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की जल्दबाजी में उठाए गए कदम अवांछित और अनावश्यक हैं.
सुक्खू ने कहा कि भाजपा सरकार ने मौजूदा सरकार को खाली खजाना सौंपा है.
आपको बता दें पुरानी पेंशन को लागू करने की मांग देश के कई राज्यों में तेजी से चल रही है.
मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों ने ओल्ड पेंशन को लागू करने के लिए सरकार को एक महीने का अल्टीमेटम दिया है.
इस बीच मोदी सरकार में वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड (Bhagwat Karad, Minister Of State For Finance) ने
भी सदन में पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर जानकारी दी.
कराड ने बताया कि (Bhagwat Karad) ने देश के 5 राज्यों में पुरानी पेंशन योजना (pension scheme) बहाल हो चुकी है.
इसमें राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश शामिल है.
इन राज्यों की सरकार की तरफ से केंद्र को पुरानी पेंशन योजना लागू करने के बारे में जानकारी दी गई है.
पिछले दिनों आरबीआई की तरफ से एक रिपोर्ट में जानकारी दी गई थी कि जो भी राज्य पुरानी पेंशन स्कीम को लागू करते
हैं उनको आने वाले समय में वित्तीय प्रबंधन के खतरे का सामना करना पड़ सकता है.
