Parenting: माँ-बाप से इन गलतियों के चलते दूर हो जाते हैं बच्चे, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये पेरेंटिंग मिस्टेक

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Parenting: माँ-बाप से इन गलतियों के चलते दूर हो जाते हैं बच्चे, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये पेरेंटिंग मिस्टेक

Parenting: पेरेंट्स और बच्चों के बीच का रिश्ता बहुत ही प्योर होता है। यह दुनिया का ऐसा रिश्ता है जिसमें कोई फिल्टर नहीं होता है।

प्यार और सम्मान में कोई मिलावट नहीं होती। बच्चों को अच्छे संस्कार और परवरिश देने के लिए मां-बाप हर संभव प्रयास करते हैं

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और मां-बाप द्वारा दिए गए संस्कार बच्चों के व्यवहार में झलकते भी हैं।

लेकिन कई बार उनके और बच्चों के बीच दूरियां आने लगती हैं।

दरअसल माँ-बाप के हिसाब से तो उन्होंने बच्चों को बेहतर परवरिश और संस्कार दिए होते हैं लेकिन कहीं ना कहीं वो जाने-अंजाने में कुछ ऐसी भूल कर बैठते हैं

जिसकी वजह से उनके और बच्चों के बीच के रिश्ते खराब होने लगते हैं।

तो चलिए आज जानते हैं आखिर वो कौनसी पेरेंटिंग मिस्टेक हैं जो हर पैरेंट्स को अवॉइड करनी चाहिए।

बच्चों को ओवर कंट्रोल करना

बच्चों पर सख्ती रखना, उनकी हरकतों पर नजर रखना हर मां-बाप की जिम्मेदारी होती है।

लेकिन जरूरत से ज्यादा सख्ती रखना किसी भी मायने में सही नहीं है।

जरूरत से ज्यादा नियंत्रण रखने पर बच्चे घुटन महसूस करने लगते हैं।

वो खुलकर अपनी बात मां बाप के सामने नहीं रख पाते हैं और धीरे-धीरे उनसे दूर होने लगते हैं।

बच्चों को इमोशनल सपोर्ट ना देना

मां-बाप से बच्चों के दूर होने की एक वजह, मां-बाप द्वारा बच्चों को इमोशनल सपोर्ट ना मिलना है।

बच्चों को सबसे ज्यादा अपने मां-बाप से इमोशनल सपोर्ट की जरूरत होती है।

किसी भी परेशानी में होने पर, या कोई गलती हो जाने पर बच्चे अपने मां-बाप से इमोशनल सपोर्ट की उम्मीद करते हैं।

लेकिन ऐसे मौकों पर जब मां-बाप इमोशनल रूप से बच्चों के साथ मौजूद नहीं होते हैं,

और गलती होने पर उन्हें प्यार से समझाने के बजाय उन पर गुस्सा करने लगते हैं तो ऐसी स्थिति में भी बच्चे मां-बाप से दूरी बनाने लगते हैं।

बच्चों को समय ना देना

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई पैसा कमाने की होड़ में लगा हुआ है।

इस दौड़ भाग में रिश्ते कहीं ना कहीं पीछे छूटते जा रहे हैं। पति और पत्नी दोनों नौकरी कर रहे हैं,

ऐसे में दोनों ही बच्चों के लिए वक्त निकालने में असमर्थ हैं। बच्चों को पर्याप्त समय ना दे पाने की वजह से बातचीत में भी कमी आई है।

बातचीत में आई कमी की वजह से दोनों ही पक्ष एक दूसरे की भावनाओं को अच्छे से नहीं समझ पाते। इसका असर कहीं ना कहीं रिश्तों पर पड़ने लगता है।

बच्चों से अधिक उम्मीद रखना और इसके लिए उन पर बेवजह के दबाव डालना

कई बार मां-बाप बच्चों से उम्मीद से ज्यादा अपेक्षा रखने लगते हैं।

बच्चों की कैपेसिटी पर ध्यान न देकर, उनसे उनकी कैपेसिटी से अधिक सफलता की उम्मीद रखने लगते हैं।

इस उम्मीद की वजह से वो अपने बच्चों पर बेवजह का मानसिक दबाव डालने लगते हैं।

मां-बाप और बच्चों के बीच की दूरी की है ये एक खास वजह बन जाती है।

छोटी-छोटी गलतियों पर डांटना

कभी-कभी मां-बाप बच्चों को सुधारने के चक्कर में छोटी-छोटी बात पर उन्हें डांटना शुरू कर देते हैं।

उनकी हर गलती पर उनकी आलोचना करने लगते हैं। उनकी छोटी-मोटी उपलब्धियां पर खुश होने के बजाय उनसे और अधिक की उम्मीद करने लगते हैं। ये सब बातें भी बच्चों को उनके मां-बाप से दूर कर देती है।

 

 

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Ajay Sharmahttps://computersjagat.com
Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

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