Notice:रेलवे अधिकारी के ट्वीट ने मचाया हड़कंप, नोटिस भी हो गई वायरल, ट्विटर पर हुई ट्रेंड
notice: मथुरा स्टेशन के सहायक स्टेशन अधीक्षक के एक ट्वीट ने रेलवे में
हड़कंप मचा दिया है। अधिकारियों ने ट्वीट का संज्ञान लिया और
सहायक स्टेशन अधीक्षक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा।
जितना बवाल ट्वीट पर नहीं मचा उससे ज्यादा नोटिस पर मच गया है।
सहायक स्टेशन अधीक्षक के ट्वीट से ज्यादा उनको मिली नोटिस ने
लोगों का ध्यान खींचा और वह वायरल हो गया। सोमवार की
सुबह से तो ट्विटर पर यह टॉप में ट्रेंड भी करने लगा।
सहायक स्टेशन अधीक्षक लोकेंद्र कर्दम ने पिछले दिनों ओपीएस योजना को लेकर
एक ट्वीट किया था। ट्वीट में लिखा कि रंगा बिल्ला ने अपनी पेंशन का इंतजाम अडानी से
कर लिया है और कर्मचारियों की पेंशन नौकरी खाकर डकार भी नहीं ली।
ओपीएस हमारा अधिकारी है, जिसे हम लेकर रहेंगे।
इस पोस्ट पर संज्ञान लेते हुए फ्रेट एवं गति शक्ति आगरा के वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक ने
नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के अंदर जवाब तलब किया है।
वरिष्ठ मंडल प्रबंधक ने सहायक स्टेशन अधीक्षक के
पोस्ट को आपत्तिजनक करार दिया देते हुए नोटिस जारी किया।
नोटिस में लिखा कि इस तरह का पोस्ट बेहद अशोभनीय और पूर्णत: अनपेक्षित है।
उन्होंने कारण बताओ नोटिस में अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी देते हुए
तीन दिन के अंदर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
नोटिस में लिखा गया है कि आप भारत सरकार के अधीन कार्यरत एक जिम्मेदार रेल कर्मी हैं।
आपके द्वारा किया गया उपरोक्त पोस्ट अशोभनीय और आपत्तिजनक की श्रेणी में आता है।
जो कि किसी सरकारी कर्मचारी के द्वारा किया जाना पूर्णतः अनअपेक्षित है।
अतः आप इस संबंध में अपना स्पष्टीकरण पत्र प्राप्ति के तीन दिन के अंदर करें
कि क्यों न आपके खिलाफ अनुशासन एव अपील नियम के तहत कार्यवाही की जाए।
यही नोटिस सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। ट्वीट में भले ही अडानी के अलावा किसी नेता का
नाम नहीं लिखा है। लेकिन रंगा बिल्ला शब्द को ही आपत्तिजनक मानते हुए जारी किए गए
नोटिस (notice) को लोग अपने अपने तरीके से मायने निकाल रहे हैं।
एक यूजर ने लिखा कि सरकार की नजर में रंगा बिल्ला कौन है।
जो सरकारी कर्मचारी को नोटिस दिया गया है। एक यूडर ने लिखा कि
नोटिस (notice) देने वाले प्रबंधक से पूछा जाना चाहिए कि वह रंगा
बिल्ला किसे समझते हैं जिसने अडानी से पेंशन की बात लिखी है।
नोटिस (notice) का यह दिया जवाब
सूत्रों की मानें तो सहायक स्टेशन अधीक्षक ने अपना स्पष्टीकरण उच्चाधिकारियों को भेज दिया
है। जिसमें उन्होंने अपनी सोशल मीडिया आईडी हैक किए जाने की बात कही है।
उन्होंने इसके पुख्ता सबूत भी उच्चाधिकारियों को दिए हैं।
सूत्र बताते हैं कि उन्होंने गहराई से जांच कराए जाने की मांग भी स्पष्टीकरण में कही है।
इस बारे में पीआरओ डीआरएम प्रशस्ति श्रीवास्तव का कहना है
कि सहायक स्टेशन अधीक्षक ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर कुछ अशोभनीय टिप्पणी कर दी थी।
इसके लिए उनसे तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
इसे लेकर यदि वह कोई संतोष जनक उत्तर नहीं दे पाते हैं,
उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
