love story:फ्री चावल-गेहूं के बाद 23 लाख परिवाराें को राशन में नमक-चीनी की सौगात, ये है तैयारी
love story:उत्तराखंड के 23 लाख परिवारों को अप्रैल से हर महीने दो किलो चीनी और एक किलो नमक बाजार भाव
से कम दर पर मिल सकता है। राज्य सरकार प्रदेश के सभी राशन कार्डधारकों के लिए
सब्सिडी आधारित चीनी व नमक देने की योजना लागू करने की तैयारी कर रही है।
खाद्य मंत्री रेखा आर्या के अनुसार, विभाग ने इस योजना के लिए बजट प्रस्ताव तैयार कर लिया है।
इसे अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट में लाया जाएगा। यह योजना लागू करने से राज्य सरकार को सालाना 65 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा। मालूम हो आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ बीती 25 दिसंबर को ही राज्य में इस योजना की तैयारी के संकेत दे दिए थे।
खाद्य मंत्री रेखा आर्या ने गुरुवार को सचिवालय में मीडियाकर्मियों से वार्ता की।
इस दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने एक साल तक गेहूं व चावल मुफ्त देने का ऐतिहासिक निर्णय किया है।
राज्य सरकार चाहती है कि गेहूं और चावल के साथ चीनी व नमक जैसी जरूरी वस्तुएं भी हर गरीब की रसोई में उपलब्ध
हों। इसके लिए खाद्य अफसरों को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए थे।
इसी आधार पर बजट प्रावधान का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है
जिससे इसे आगामी वित्त वर्ष के बजट में शामिल कराया जा सकेगा। सूत्रों के अनुसार,
फिलहाल चीनी पर प्रति किलो 10 रुपये सब्सिडी का सुझाव है। इसे 15 रुपये तक किया जा सकता है।
लंबे समय से राशन न लेने वालों के कार्ड निरस्त होंगे खाद्य मंत्री ने कहा कि छह महीने या
एक साल से जो लोग अपने कार्ड पर राशन नहीं ले रहे हैं, उनके राशन कार्ड निरस्त किए जाएं।
उन्होंने कहा कि जानकारी में आया है कि कई जगह लोग लंबे समय से राशन नहीं उठा रहे है।
ऐसे लोगों को चिह्नित कर पहले नोटिस दिया जाए। यदि इसके बाद भी वो राशन नहीं लेते हैं तो उनके कार्ड निरस्त
किए जाएं। साथ ही आर्या ने अपात्र लोगों के नाम की सूची राशन की दुकानों के बाहर चस्पा करने के भी निर्देश दिए।
रिकार्डिंग पर लगाई डांट बैठक के दौरान एक राशन डीलर को वीडियो रिकार्डिंग करते देख खाद्य मंत्री ने कड़ी
आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहली बार राशन डीलरों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की जा रही है।
इसका दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा-बैठक का कोई भी
अंश सोशल मीडिया पर नहीं आना चाहिए। यदि ऐसा होता है तो यह उचित नहीं होगा।
