LIC को हुआ 1400 करोड़ का नुकसान, यहां जानें क्या हैं कनेक्शन?
LIC : अडानी ग्रुप (Adani Group) को एक और बड़ा झटका लगा है.
ग्रुप की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. आर्गेनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट्स
(OCCRP) की तरफ से जारी की गई रिपोर्ट के बाद में गौतम अडानी (Gautam Adani) की कंपनी के
शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. OCCRP की रिपोर्ट में अडानी ग्रुप पर कंपनी के शेयरों में हेराफेरी करने के
आरोप लगे हैं. इस रिपोर्ट के बाद में कल यानी गुरुवार को कंपनी के सभी शेयरों में गिरावट देखने को मिली थी.
LIC को भी हुआ नुकसान
OCCRP की रिपोर्ट आने के बाद में अडानी ग्रुप (Adani Group) के शेयरों में गिरावट शुरू हो गई
और हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हो गया है. इसके साथ ही एलआईसी के मार्केट कैप (LIC Market Cap) में भी
बड़ी गिरावट देखने को मिली है. एलआईसी (LIC) को भी काफी नुकसान का सामना करना पड़ा है.
31 अगस्त को आई थी रिपोर्ट
31 अगस्त को रिपोर्ट आने के बाद में अडानी ग्रुप के शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी.
अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर 3.5 फीसदी की गिरावट के साथ क्लोज हुए थे.
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इसके अलावा अडानी टोटल 2.24 फीसदी, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस 3.53 फीसदी,
अडानी ग्रीन एनर्जी 3.7 फीसदी की गिरावट के साथ क्लोज हुए थे.
ग्रुप की इन कंपनियों के भी फिसले शेयर
अडानी पोर्ट्स के शेयर 3.18 फीसदी, एसीसी का शेयर 0.73 फीसदी,
अंबुजा सीमेंट्स का शेयर 3.66 फीसदी, एनडीटीवी 1.92 फीसदी,
अडानी पावर 1.93 फीसदी और अडानी विल्मर के शेयर 2.70 फीसदी फिसलकर बंद हुए थे.
LIC को क्यों हुआ नुकसान?
एलआईसी को केवल एक सत्र में 1,439.8 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है.
बता दें एलआईसी ने अडानी ग्रुप की करीब 6 कंपनियों में पैसा लगा रखा है,
जिसकी वजह से एलआईसी को भी भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है.
आंकड़ों के मुताबिक, 30 जून तक LIC के पास अडानी पोर्ट्स की 9.12 फीसदी,
अडानी एंटरप्राइजेज की 4.26 फीसदी, अडानी टोटल में करीब 6 फीसदी से भी ज्यादा हिस्सेदारी थी.
कितना हुआ अडानी ग्रुप को नुकसान?
गुरुवार को अडानी ग्रुप को करीब 35,000 करोड़ का नुकसान हुआ है.
आंकड़ों से मिली जानकारी के मुताबिक, 30 अगस्त 2023 को सभी 10 शेयरों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग
10.84 लाख करोड़ रुपये था. वहीं, 31 अगस्त को रिपोर्ट आने के बाद में यह लुढ़ककर
10.49 लाख करोड़ पर आ गया था. इस हिसाब से करीब 35,000 करोड़ का नुकसान हुआ है.
जनवरी में हिंडनबर्ग ने जारी की थी रिपोर्ट
आपको बता दें इससे पहले अमेरिका की शॉर्ट सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च ने भी जनवरी में ग्रुप पर कई
आरोप लगाए थे. हिंडनबर्ग ने ग्रुप पर आरोप लगाया था कि यह ग्रुप शेयरों की कीमतों में छेड़छाड़ कर रहा है.
बाद में अडानी ग्रुप ने इसका खंडन कर दिया था. अडानी ग्रुप ने बाद में कहा था कि वह सभी नियमों का पालन कर रहा है.
जनवरी में हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद में शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी.
