Insurance: रेलवे के इन्सुरेंस में अक्सर करते हैं लोग गलती, गंवा सकते हैं 10 लाख रुपये, जानें क्लेम का सही तरीका
Railway Insurance: ओडिशा के बालासोर में हुई ट्रेन दुर्घटना ने कई परिवारों को बड़ा दर्द दे
गया। लोग अपनों को याद कर अभी भी सिसक रह हैं। दर्द के साथ कई परिवारों को
आर्थिक संकट की चिंता सताने लगी। हालांकि, थोड़ी राहत की बात यह है
कि रेलवे के इन्सुरेंस से लोगों को आर्थिक तौर पर राहत मिल जाएगी।
लेकिन बहुत सारे लोग ऐसे हैं जिन्हे पता नहीं है कि कैसे इस Insurance को क्लेम किया जाए।
इतना ही नहीं कई लोग तो टिकट कटवाते समय इन्सुरेंस करने में लापरवाही करते हैं।
आज हमलोग इसी मुद्दे पर बात करेंगे रेलवे के Travel Insurance का
सही तरीका क्या है। इसे सही तरीका से क्लेम कैसे किया जाए।
क्या है IRCTC का Travel Insurance
अगर आप IRCTC का Travel Insurance लेते हैं तो आपको काफी फायदा होता है।
यात्रा के दौरान अगर आपका सामान चोरी होता है या ट्रेन किसी कारण से दुर्घटनाग्रस्त हो जाती है
तो आपको इसका नुकसान नहीं उठाना पड़ता, इंश्योरेंस कंपनी इसकी भरपाई करती है।
आपको E-Ticket कटाने से पहले बस 35 पैसे खर्च करने पड़ेंगे।
रेलवे के इन्सुरेंस के वक्त इस बात का रखें ख्याल
रेलवे के इन्सुरेंस के वक्त आपको कुछ बातों का ख्याल रखना पड़ेगा।
अगर इस दौरान आप कोई भी छोटी गलती करते हैं तो आप 10 लाख रुपये गंवा सकते हैं।
1. यह इन्सुरेंस काउंटर टिकट के लिए नहीं है इसलिए आपको ऑनलाइन ही टिकट लेना पड़ेगा।
क्योंकि यह IRCTC के द्वारा उपलब्ध करवाई जाती है।
2. इन्सुरेंस के बाद आपके पास एक मेल आएगा उसे देखना नहीं भूलें क्योंकि इस मेल के जरिए
आपसे नोमिनी का नाम मांगा जाएगा। आपको नोमिनी का नाम अवश्य भरना चाहिए।
3. आपको बता दें कि यह इंश्योरेंस केवल उस यात्रा तक के लिए ही
मान्य रहता है जिसके लिए आपने टिकट बुक करवाई है।
मृतक और पूरी तरह से विकलांग को 10 लाख रुपये
ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त होने पर अगर यात्रा की मौत हो जाती है तो बीमा कंपनी 10 लाख रुपये देगी,
अगर यात्री पूरी तरह विकलांग हो जाता है तो उस स्थिति में भी यात्री को पूरे 10 लाख रुपये मिलेंगे।
आगर यात्री आंशिक तौर पर स्थाई विकलांग होता है तो उसे
7.5 लाख रुपये मिलेंगे और घायल होने पर 2 लाख रुपये मिलेंगे।
4 महीने में क्लेम कर सकते हैं बीमा की रकम
बीमा की रकम क्लेम करने के लिए आपको ट्रेन दुर्घटना के बाद से 4 महीने का वक्त मिलता है
ताकि आप अपना बीमा क्लेम कर पाएं। यह क्लेम नॉमिनी या उसका उत्तराधिकारी कर सकता है।
आप इस बीमा कंपनी के ऑफिस में जाकर संबंधित
दस्तावेज को जमा कर बीमा क्लेम कर सकते हैं।
