Insurance : कहीं आपके भी वाहनों का फर्जी बीमा तो नही? दो आरोपियों को एसटीएफ ने पकड़ा

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Insurance : कहीं आपके भी वाहनों का फर्जी बीमा तो नही? दो आरोपियों को एसटीएफ ने पकड़ा

Insurance: वाहनों का फर्जी बीमा करने वाले गिरोह के दो आरोपितों को एसटीएफ बरेली की यूनिट ने गिरफ्तार किया। आरोपित सलमान उर्फ अनवर निवासी चक्कर की मिलक,

थाना सिविल लाइंस व नदीम निवासी गुरेर थाना मैनाठेर को एसटीएफ बरेली यूनिट ने मझोला थाना क्षेत्र के सम्भल रोड से बुधवार देर रात गिरफ्तार कर लिया।

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एसटीएफ बरेली की यूनिट ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार किया

आरोपित चार से पांच हजार रुपये में वाहनों का लाखों रुपये का बीमा कर देते थे। आरोपित वेबसाइड में भी दस्तावेज को अपलोड करके परिवहन विभाग को चूना लगा रहे थे।

एसटीएफ बरेली की यूनिट ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर मझोला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। आरोपित के पास से 12 वाहनों के इंश्योरेंस के दस्तावेज,चार मोबाइल,एक लैपटाप के साथ ही 23 हजार रुपये की नकदी बरामद की गई।

आरोपितों के दो साथ ही अभी फरार

आरोपितों के दो साथ ही अभी फरार है,पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। मझोला थाना क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित परिवहन विभाग के कार्यालय में तैनात एक बाबू के साथ सलमान उर्फ अनवर निजी रूप से काम करता था।

आरोपित के दोस्त सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के चक्कर की मिलक निवासी नूर आलम,कासिम व नदीम कार्यालय के बाहर रहकर

ट्रक,डीसीएम,ट्राला के साथ ही अन्य बड़े वाहन स्वामियों से बातचीत करके उनका इंश्योरेंस नवीनीकरण कम रुपये में करने का झांसा देते थे।

मामले की जानकारी बरेली एसटीएफ यूनिट को लगी

इसके बाद आरोपित वाहन स्वामियों से दस्तावेज लेकर 40 से 50 हजार रुपये में होने वाले इंश्योरेंस को मात्र पांच से सात हजार रुपये में कर देते थे।

इस दौरान आरोपित उन्हें एम-परिवहन ऐप को खोलकर उसके नवीनीकरण की तारीख और वर्ष की जानकारी भी दिखा देते थे।

इस मामले की जानकारी बरेली एसटीएफ यूनिट को लगी। लगभग एक माह तक एसटीएफ की टीम आरोपितों के मोबाइल नंबरों को सर्विलांस में रखकर जांच करती रही।

बुधवार देर रात एसटीएफ की टीम ने आरोपित सलमान उर्फ अनवर व नदीम को ट्रांसपोर्ट नगर से गिरफ्तार कर लिया।

फर्जी इंश्योंरेंस के दस्तावेज के साथ अन्य सामग्री बरामद की गई

आरोपितों के पास फर्जी इंश्योंरेंस के दस्तावेज के साथ अन्य सामग्री बरामद की गई। आरोपितों के खिलाफ एसटीएफ ने मझोला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद जेल भेज

दिया। जबकि आरोपितों के फरार दो साथियों की तलाश की जा रही है। कार्रवाई के दौरान बरेली एसटीएफ यूनिट के दारोगा राशिद अली,संदीप कुमार,गिरिजेश पोसवाल,शिवओम पाठक,नितिन,कुलदीप,खान मुहम्मद मौजूद रहे।

परिवहन विभाग के कर्मियों के सांठगांठ के मिले साक्ष्य

बरेली एसटीएफ यूनिट को इस मामले में परिवहन विभाग में तैनात कुछ कर्मियों के

सांठ-गांठ के साक्ष्य भी मिले हैं। जांच अधिकारियों ने बताया कि विभागीय मिलीभगत से

एम-परिवहन ऐप अपडेट नहीं हो सकता है। अफसरों का कहना है

कि ऐप में कुछ ऐसा विकल्प है,जिसमें सूचनाएं दर्ज की जाती है।

उसके वाहन का इंश्योरेंस हो गया था

वह केवल 15 दिनों तक दिखाई देती थी,

इसके बाद डिलीट हो जाती थी। इस प्रक्रिया के चलते वाहन स्वामी को भी

विश्वास होता था,कि उसके वाहन का इंश्योरेंस हो गया था। इस जालसाजी से बड़े

पैमाने पर परिवहन विभाग को चूना लगाने का काम किया जा रहा था।

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Ajay Sharmahttps://computersjagat.com
Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

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