in farmers insurance: तालाब, ट्रैक्टर, मवेशियों पर भी फसल बीमा का लाभ,ये तोहफा देने की तैयारी में सरकार
in farmers insurance:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली
केंद्र सरकार देश के किसानों को जल्दी ही एक शानदार तोहफा देने की तैयारी में है.
किसानों को अभी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसलों के लिए
इंश्योरेंस कवरेज का लाभ मिलता है. सरकार की तैयारी है कि
इस बीमा योजना में कवरेज के दायरे को बढ़ाया जाए. ऐसी तैयारियां चल रही हैं
कि आने वाले दिनों में किसानों को इस स्कीम के तहत तालाब,
ट्रैक्र व मवेशियों आदि के लिए भी बीमा कवरेज का लाभ मिले.
यहां तक बढ़ेगा योजना का दायरा
न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट में सरकारी अधिकारियों के हवाले से
ये दावा किया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि मोदी सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत
मिलने वाले लाभ के दायरे को महज फसलों से आगे बढ़ाना चाह रही है.
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इसके लिए योजना के कवरेज के दायरे में तालाबों, ट्रैक्टरों, मवेशियों और पॉम ट्री जैसे एसेट को लाने की तैयारी है.
पोर्टल को मिल सकता है नया रूप
केंद्र सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दायरे को बढ़ाने के लिए
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पोर्टल को नया कलेवर दे सकती है.
पोर्टल को ऐसे कॉम्प्रहेंसिव प्लेटफॉर्म के रूप में डेवलप किया जा सकता है,
जो फसलों से इतर किसानों को अन्य संपत्तियों पर भी बीमा कवरेज का लाभ दे.
इसके लिए सरकार 30 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान कर सकती है.
एआईडीए ऐप की ले सकते हैं मदद
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, इन मुहिम को एआईडीए ऐप के जरिए
आगे बढ़ाया जा सकता है, जिसे इसी साल जुलाई में लॉन्च किया गया है.
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इसके तहत लोगों के घर-घर जाकर एनरॉलमेंट सुनिश्चित किया जाएगा,
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ताकि फसल बीमा को किसानों के लिए अधिक सुलभ बनाया जा सके.
इस ऐप के जरिए इंश्योरेंस इंटरमीडियरीज न सिर्फ फसल बीमा के लिए किसानों का एनरॉलमेंट कर सकेंगे,
बल्कि वे 4 करोड़ किसानों को बिना सब्सिडी वाली योजनाओं का लाभ भी दे पाएंगे.
इस तरह से बढ़ा है दायरा
आपको बता दें कि सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दायरे को बढ़ाने के लिए
लगातार कई पहलें शुरू की हैं. उनमें यस-टेक, विंड्स पोर्टल और एआईडीई ऐप शामिल हैं.
सरकार के प्रयासों से बीमा योजना के तहत बीमित क्षेत्रों में 2022-23 के दौरान
12 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई और ये करीब 50 मिलियन हेक्टेयर तक पहुंच गए.
2023-24 के खरीफ सीजन में इसके और बढ़कर 57 से 60 मिलियन हेक्टेयर पर पहुंच जाने का अनुमान है.
