hostel: जब ब्वायज हास्टल में लड़की के आने पर चढ़ गया था वार्डन का पारा, पढ़ें केजीएमयू का ये रोचक किस्सा
hostel:वर्तमान में किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय का जीएन मिश्रा हास्टल सन 1971 में ट्रांस गोमती हास्टल के
नाम से प्रसिद्ध था। एक दिन चौकीदार भागकर वार्डन के पास पहुंचा और बोला कि हास्टल में लड़की आई है।
आग बबूला वार्डन लड़के के कमरे पर पहुंचे तो सचमुच एक लड़की बैठी हुई थी।
लड़के को रस्टिकेट करने का फरमान सुनाकर वार्डन ने लड़की
का नाम पूछा, लेकिन नाम पता चलते ही वह भौचक्के रह गए।
दरअसल लड़की के भेष में वह लड़का था और उस दिन अप्रैल की पहली तारीख थी।
हास्टल (hostel) के लड़कों ने मिलकर वार्डन को अप्रैल फूल बनाया था।
1971 बैच के डा. पीके शर्मा ने अपने जमाने का यह किस्सा शुरू किया तो उनके साथी पुराने दिनों में ही चले गए।
मौका था जार्जियंस गेट टुगेदर का जिसमें 1961 से अब तक के हर बैच से केजीएमयू से पढ़े विद्यार्थी शामिल हुए थे।
अपने पुराने दिनों को याद करने के लिए किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय से पढ़े
और अब अलग-अलग जगहों पर जार्जियंस के नाम से प्रसिद्ध चिकित्सक रविवार की
शाम अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में जार्जियंस गेट टुगेदर में आए।
पुराने दिनों को याद कर अपने किस्से साझा करने के लिए डाक्टर्स आतुर दिखे।
1976 बैच की डा. अर्चना मिश्रा ने बताया कि रैगिंग से बचने के लिए उन्होंने कई अनरोमांटिक गाने याद कर लिए थे।
सीनियर रैगिंग में गाना गाने को कहते थे तो वह वही गाने गाते थे।
इससे सीनियर आग बबूला हो जाते थे और उन्हें छोड़ देते थे। 1976 बैच के विद्यार्थी और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के
पूर्व महानिदेशक डा. डीएस नेगी ने बताया कि सीनियर डे स्कालर विद्यार्थियों को प्वाइंट फाइव कहते थे।
उनकी रैगिंग से बचने के लिए सारे डे स्कालर अगामीर की ढ्योड़ी
के पास जाकर बनी एक छोटी सी दुकान पर खाना खाते थे।
जार्जियंस गेट टुगेदर में पूर्वोत्तर रेलवे में बीएमओ के पद से सेवानिवृत्त हुए
64 वर्षीय डा. संजय कुमार रस्तोगी की 1090 पर हुई दुर्घटना में मृत्यु पर डा. दीपक दीक्षित ने ‘जिंदगी का सफर, है
यह कैसा सफर’ गुनगुनाया। इसके अलावा डा. नसीम जमाल ने शायरी,
डा. डीएस नेगी समेत कई चिकित्सकों ने अपने-अपने गीत गुनगुनाए।
कार्यक्रम में केजीएमयू कुलपति डा. बिपिन पुरी, डा. एके त्रिपाठी, डा. सूर्यकांत, डा. एसएन शंखवार, कार्डियोलाजी
विभाग के पूर्व अध्यक्ष डा. वीएस नारायण, डा. पीके शर्मा, डा. अमिताभ रावत, डा. प्रदीप टंडन, डा. मुनीश कोहली,
डा. अरविंदर सिंह, डा. संदीप अग्रवाल, डा. रमा श्रीवास्तव, डा. मनोज कुमार अस्थाना, डा. एमएसडी जायसवाल,
डा. तरुण जायसवाल, डा. पंकज वर्मा, डा. दुर्गेश द्विवेदी, डा. ऋषि सेठी,
डा. रोहिणी खुराना समेत बड़ी संख्या में चिकित्सकों ने प्रतिभाग किया।
