Health Insurance: महिलाओं के लिए क्यों जरूरी है हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी, WHO ने बताये कारण

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Health Insurance: महिलाओं के लिए क्यों जरूरी है हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी, WHO ने बताये कारण

Health Insurance: भारत की महिलाएं पुरुषों की तुलना में अधिक समय तक जीवित रहती हैं.

साल 2019 में विश्व स्वास्थ्य के आंकड़ों के अनुसार जन्म के समय भारतीय महिलाओं की

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जीवन प्रत्याशा 72.2 तथा पुरुषों के लिए 69.5 थी. 2019 में महिलाओं के जन्म के समय स्वस्थ

जीवन प्रत्याशा 60.4 थी. हालांकि, मातृ मृत्यु दर भारत के लिए काफी चिंताजनक है,

यानी 2017 तक 145 (प्रति 100 000 जीवित जन्म). हालांकि लम्बे समय तक महिलाएं कई

शारीरिक कमजोरियों के साथ जीवन जीती है. महिलाएं कई बीमारियों से पीड़ित हो जाती है.

महिलाओं की स्थिति को देखते हुए उनका बीमा करवाना उतना ही जरूरी है जितना पुरुषों का.

पुरुषों की तुलना में महिलाओं को ज्यादा स्वास्थ्य समस्याएं

पिछले कुछ दशकों में महिलाओं की भूमिका में बड़ा बदलाव आया है.

वे आज केवल गृहिणी नहीं हैं. वे अपने परिवारों को पाल रही है.

कई महिलाएं घर और दफ्तर के काम की जिम्मेदारियां निभा रही है.

अपने बच्चों और आश्रित माता-पिता और सास-ससुर को भावनात्मक और आर्थिक रूप से

सहायता दे रही है. इसके बाद भी कई महिलाएं अपने स्वास्थ पर ध्यान नहीं दे पाती.

एक महिला का बिगड़ा स्वास्थ खुद महिला को तो प्रभावित करता ही है.

साथ ही साथ उसके बीमार होने से परिवार, बच्चों और समाज भी प्रभावित होते हैं.

पुरुषों की तुलना में महिलाओं को ज्यादा स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है,

जो उनके जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं. विकासशील और

अल्प विकसित देशों में जहां पुरुषों को प्राथमिकता दी जाती है,

वहां महिलाओं के लिए स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है.

पहले पुरुष को प्राथमिकता ?

घर में जब इंश्योरेंस की बात आती है तो भी पहले पुरुषों का ही इंश्योरेंस किया जाता है.

लेकिन महिलाओं की स्थिति को देखते हुए उनका बीमा करवाना उतना ही जरूरी है

जितना पुरुषों का. डब्ल्यूएचओ के अनुसार स्तन और गर्भाशय के कैंसर महिलाओं के

खराब स्वास्थ्य के प्रमुख कारण हैं. शुरुआती पहचान या निवारक देखभाल से

कई लोगों की जान बच सकती है. गर्भनिरोधक, सुरक्षित यौन संबंध और गर्भपात जैसी प्रजनन

स्वास्थ्य समस्याएं 15 से 44 वर्ष की महिलाओं के लिए चिंता का कारण हैं,

खासकर भारत सहित विकासशील देशों में. भारत जैसे सांस्कृतिक रूप से विविध देश में इन मुद्दों के

बारे में बात करने और बाहरी मदद लेने की मनाही है. अन्य स्वास्थ्य समस्याएं

प्रसव या गर्भावस्था के दौरान जटिलताएं जो महिलाओं की मृत्यु दर को बढ़ाती हैं.

भारत में महिलाओं के स्वास्थ्य को देखते हुए ऐसी पॉलिसी की आवश्यकता होती है.

जिसमें कई चीजों को कवर किया जाए. सरकार तो प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना या

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना जैसे कार्यक्रमों की शुरुआत करके अपना काम कर रही है.

फिर भी, निजी और सार्वजनिक बीमाकर्ताओं को एक ओर सरकार के साथ और स्थानीय समुदायों

के साथ सहयोग करके महिलाओं के स्वास्थ्य को सुधारने की दिशा में काम करने की जरूरत है.

 

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Ajay Sharmahttps://computersjagat.com
Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

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