Govt Scheme: हर परिवार की महिला को 1000₹ देगी सरकार, CM का ऐलान सुन खुशी से उछल पड़ी महिलाएं
Govt Scheme: तमिलनाडु सरकार ने अपने चुनावी वायदों को पूरा करने के लिए काम करना शुरू कर दिया है.
चुनाव प्रचार के दौरान परिवार की महिला मुखिया को एक्सट्रा फाइनेंशियल हेल्प देने की बात कही गई थी.
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इस योजना पर सुझावों पर संबंधित अधिकारियों की बैठक ली.
योजना के कार्यान्वयन के लिए पात्र महिलाओं का क्या क्राइटेरिया रहेगा, इस पर भी बात हुई.
परिवार की महिला मुखिया को प्रत्येक महीने 1000 रुपये की वित्तीय मदद देने की बात कही गई.
तमिलनाडु में लागू होने वाली बड़ी योजना
सीएम एमके स्टालिन ने कहा कि महिलाओं के लिए यह तमिलनाडु में लागू होने वाली बड़ी योजना है.
इस योजना के लिए अब तक डेढ़ करोड़ आवेदन मिल चुके हैं. योजना के तहत करीब एक करोड़ पात्र आवेदकों को
सरकार की तरफ से वित्तीय मदद दी जाएगी. ऑनलाइन समीक्षा बैठक के दौरान योजना के नाम पर भी चर्चा हुई.
सीएम स्टालिन ने कहा, यह हमारे कलैग्नार का जन्म शताब्दी वर्ष है.
ऐसे में वित्तीय सहायता योजना का नाम ‘कलैग्नार मगलिर उरीमई थोगई थिट्टम’ रखा गया है.
योजना को 15 सितंबर को शुरू किया जाएगा. सरकार की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि
21 साल से अधिक उम्र वाली महिलाएं योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं.
योजना के लिए सरकार की तरफ से कुछ क्राइटेरिया सेट किए गए हैं.
योजना के लिए आर्थिक पात्रता
1. सालाना फैमिली इनकम 2.5 लाख रुपये कम हो.
2. परिवार के पास 5 एकड़ से ज्यादा गीली भूमि/10 एकड़ सूखी भूमि नहीं हो.
3. बिजली की सालाना खपत 3600 यूनिट से ज्यादा नहीं हो.
ऐसे महिलाओं को माना जाएगा अपात्र
– सालाना 2.5 लाख रुपये से ज्यादा की आमदनी वाले परिवार
– इनकम टैक्स फाइल करने वाले और ढाई लाख से ज्यादा वार्षिक पारिवारिक आमदनी वाले
– हर साल 2.5 लाख रुपये से ज्यादा आमदनी वाले वाणिज्यिक टैक्स पेयर
– राज्य / केंद्र सरकार के कर्मचारी, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के कर्मचारी और पेंशनभोगी आदि
– जनता की तरफ से निर्वाचित किये गए प्रतिनिधि (बीडीसी को छोड़कर)
– चार पहिया वाहन जैसे कार, जीप, ट्रैक्टर आदि के मालिकों को
– ऐसे व्यापारी जो जीएसटी का भुगतान करते हैा और उनका सालाना कारोबार 50 लाख से ज्यादा है.
– वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन आदि का फायदा लेने वाले.
कैसे होगी महिला मुखिया की पहचाना?
राशन कार्ड में जिस पुरुष का नाम परिवार के मुखिया के तौर पर लिखा है, उसकी पत्नी को योजना के लिए
महिला मुखिया माना जाएगा. अविवाहित, एकल महिलाओं, विधवा और
ट्रांसजेंडर के मामले में उन्हें भी परिवार की महिला मुखिया माना जाएगा.
