Fastag KYC अपडेट करने के बचे हैं चंद घंटे, कर लीजिए ये काम,नहीं तो हो जाएंगे ब्लैकलिस्टेट
fastag: एक्सप्रेसवे-नेशनल हाईवे पर चलने वालों को फास्टैग का नो योर कस्टमर (केवाईसी) 31 जनवरी रात 12 बजे तक अपडेट करना होगा।
फास्टैग अपडेट करने की सुविधा ऐप के साथ ऑनलाइन भी मिलेगी। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने साफ किया है कि अब एक वाहन पर एक ही फास्टैग चलेगा, जिसका अपडेट होना जरूरी होगा।
यह भी पढ़ें :FASTag: अगर यह नहीं हुआ तो 31 जनवरी से काम नहीं करेगा FASTag, ऐसे चेक करें स्टेटस
केवाईसी अपडेट न करने वाले फास्टैग को ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा। हालांकि, लोग उसके बाद भी अपडेट कर सकते हैं,
लेकिन एक फरवरी से टोल प्लाजा से वाहन तभी गुजर सकेगा जब फास्टैग में केवाईसी अपडेट होगा और वो ब्लैकलिस्ट नहीं होगा।
लोगों के सामने कई समस्या खड़ी हो रही एनएचएआई के इस फैसले के बाद काफी लोग उलझन में फंसे हैं, क्योंकि कुछ लोगों ने मोबाइल नंबर पर फास्टैग जारी कराया है।
खासकर, नए वाहन लेते समय उसका कोई नंबर नहीं होता है। ऐसे में फास्टैग सेवा प्रदाता कंपनियां मोबाइल नंबर पर ही वाहन की श्रेणी के हिसाब से फास्टैग जारी कर देती हैं।
यानी कोई ग्राहक कार ले रहा है तो उसे फोर व्हीलर और कोई 10 टायर का ट्रक ले रहा है तो उसे कॉमर्शियल श्रेणी में फास्टैग जारी करती है।
वाहन और फास्टैग के नामों में अंतर देश में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की भी है जिनकी कार किसी दूसरे नाम पर है और फास्टैग किसी दूसरे व्यक्ति के नाम और मोबाइल नंबर से जारी हुआ है।
पूरी जानकारी एक व्यक्ति के नाम होनी चाहिए एनएचएआई अधिकारियों का कहना है कि नियमों के हिसाब से फास्टैग लेने वाले व्यक्ति का केवाईसी अपडेट होना चाहिए।
ऐसी स्थिति में गाड़ी भी उस व्यक्ति के नाम होनी चाहिए। अभी शुरुआत में यह छूट रहेगी कि गाड़ी भले ही किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर हो, लेकिन जो व्यक्ति फास्टैग जारी करा रहा है, उसका केवाईसी होना जरूरी है।
आगे चलकर यह अनिवार्य कर दिया जाएगा, कि गाड़ी, फास्टैग और केवाईसी का डाटा एक ही व्यक्ति का होना चाहिए।
अब अगर कोई बिना टोल चुकाए जाता है तो टोल एजेंसी फास्टैग नंबर के आधार पर संबंधित टोल शुल्क काटने की डिमांड उस बैंक को भेज सकेंगे, जिसका फास्टैग गाड़ी पर लगा हुआ है।
फास्टैग संबंधित किसी समस्या को लेकर अगर आप उलझन में हैं तो हम एनएचएआई के जरिए उसका समाधान लेकर आए हैं।
इन सवालों के जवाब से आप राहत पा सकते हैं… सबसे पहले https// fastag. ihmcl.com/ पर जाएं, जहां अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ओटीपी की मदद से लॉगइन करें।
इसके बाद डैशबोर्ड मेन्यू में माय प्रोफाइल ऑप्शन को खोलें। माय प्रोफाइल ऑप्शन में केवाईसी का स्टेटस चेक करें।
अगर केवाईसी पूरी नहीं है तो केवाईसी सब-सेक्शन में जाएं, जहां पर जरूरी जानकारी जैसे आईडी प्रूफ, एड्रेस प्रूफ और फोटो जमा करें। इसके बाद सबमिट ऑप्शन पर क्लिक कर दें।
आप संबंधित बैंक या फिर टोल प्लाजा पर बने हेल्प काउंटर पर जाकर भी केवाईसी करा सकते हैं, लेकिन इसके लिए आपके पास पंजीकृत मोबाइल नंबर, आधार, पैन और गाड़ी की आरसी होनी चाहिए।
ध्यान रहे कि सारी प्रक्रिया ऑनलाइन ही होनी है। बैंक और सुविधा केंद्र सिर्फ आपको आपके मोबाइल में स्टॉल मोबाइल ऐप के जरिए केवाईसी करने में मदद करेंगे।
यह भी पढ़ें :अब देना पड़ेगा डबल टोल टैक्स, 31 जनवरी के बाद नहीं चलेगा आपका Fastag
ऑनलाइन रजिस्टर्ड करने पर बहुत से लोगों को तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लॉगइन करने के लिए जब रिजस्टर्ड मोबाइल नंबर डाल रहे हैं तो उसे अवैध बताया जा रहा है।
स्क्रीन पर मैसेज आ रहा है कि आप फास्टैग ऐप डाउनलोड करें और उसमें बैंक के पोर्टल पर जाकर अपने फास्टैग केवाईसी का स्टेटस चेक करें।
जब आप ऐप के जरिये बैंक के पोर्टल वाले ऑप्शन पर क्लिक करेंगे तो उसमें माय प्रोफाइल दिखाई देगा। उस पर जाकर आप चेक कर सकते हैं कि आपका केवाईसी हुआ है या नहीं।
