Farmers Income: गृह मंत्री अमित शाह ने कर दिया ये बड़ा ऐलान,किसानों की बल्ले-बल्ले,अब आमदनी होगी दोगुनी
Farmers Income: देशभर में किसानों की आमदनी (Farmer’s Income) बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से
कई खास प्रयास किए जा रहे हैं. पीएम किसान सम्मान निधि के तहत सरकार किसानों को आर्थिक सहायता दे रही है,
लेकिन अब सरकार ने किसानों को सीधा फायदा देने के लिए एक और खास योजना बनाई है.
डेयरी प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देगी सरकार
देश की सबसे बड़ी दूध विक्रेता कंपनी अमूल के साथ मिलकर खास प्लान बना रही है.
अभी तक अमूल के दूध का इस्तेमाल भारत में किया जाता रहा है,
लेकिन अब इसका स्वाद दूसरे देश के नागरिक भी ले सकेंगे. सरकार की ओर से
डेयरी प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए सरकार खास प्लानिंग कर रही है.
अमित शाह ने दी जानकारी
केंद्रीय सहकारी मंत्री अमित शाह ने एक कार्यक्रम में कहा है कि अमूल के साथ पांच अन्य सहकारी समितियों का भी
मर्जर किया जाएगा जिससे एक बड़ी मल्टी स्टेट कॉपरेटिव सोसाइटी (MSCS) का गठन होगा.
इसके मर्जर का प्रोसेस भी शुरू हो गया है. सरकार को उम्मीद है कि इसके रिजल्ट जल्द ही हम सभी के सामने होंगे.
डिजिटल खेती की हो रही प्लानिंग
पीएम मोदी का प्लान है कि डिजिटल खेती के जरिए प्राकृतिक प्रोडक्ट्स को बढ़ावा दिया जाएगा.
इसका सीधा फायदा किसानों को होगा. साथ ही किसानों की इनकम में भी काफी बढ़ोतरी होगी.
इस तरह से होगी विदेशों में बिक्री
आपको बता दें इस समय द गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड की तरफ से
अमूल के प्रोडक्ट्स की बिक्री की जाती है. इस फेडरेशन में कई सहकारी समितियों का मर्जर होने के बाद में मल्टी स्टेट
सहकारी समिति तैयार होगी. इसके बाद में अमूल अपने प्रोडक्ट्स को देश के साथ-साथ विदेश में बेच सकेगी.
किस तरह दोगुनी होगी किसानों(Farmers Income) की आमदनी
अमित शाह की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, भारत के अलावा पड़ोसी देशों में भी दूध की मांग को बढ़ाने के लिए
अगले 5 सालों में प्रोडक्शन को डबल करना होगा. साथ ही मिल्क को दूसरे देशों में निर्यात करने की भी
प्लानिंग चल रही है. इसके जरिए किसानों की आमदनी को दोगुना किया जाएगा.
किसानों के खाते में भेजा जाएगा प्रॉफिट
अमित शाह ने कहा है कि MSCS के गठन के बाद में अमूल के दूध को पड़ोसी देश जैसे – नेपाल, भूटान, श्रीलंका और
बांग्लादेश में भी निर्यात किया जा सकेगा. इसका सीधा फायदा
किसानों को मिलेगा. इसके प्रॉफिट को सीधे किसानों के खाते में भेजा जाएगा.
