farmers: मौसम से खराब गेहूं खरीदेगी सरकार, किसानों को कटकर मिलेगा पैसा, जानें कैसे तय होंगे रेट
farmers:यूपी सरकार मौसम की मार से प्रभावित हुई गेहूं की फसल खरीदेगी।
इससे किसानों को कम नुकसान उठाना पड़ेगा। हालांकि फिर भी किसानों को नुकसान होगा
क्योंकि सरकार खराब फसल का पैसा काटकर देगी। फसल की जांच करने प्रदेश के दौरे पर केन्द्र
सरकार की टीम आई थी। इस दौरान टीम के सदस्य अलग-अलग जिलों के विभिन्न क्रय केन्द्रों
पर एकत्र किए गेहूं के नमूने भी अपने साथ ले गई है।
जांच के आधार पर टीम फसल को हुए नुकसान का आंकलन कर अपनी रिपोर्ट केन्द्र सरकार को
सौंपेगी। इसके बाद प्रदेश में किसानों को हुए नुकसान की भरपाई
किस रूप में होगी, इस पर केन्द्र व राज्य सरकार निर्णय करेगी।
बुन्देलखण्ड व पश्चिमी यूपी से लेकर विन्ध्य तथा प्रदेश के मध्य एवं पूर्वी हिस्से में मार्च में
अलग-अलग दिनों में हुई आंधी-पानी व ओलावृष्टि से रबी फसल विशेष कर गेहूं को भारी नुकसान
पहुंचने की आशंका व्यक्त की जा रही थी। इस नुकसान का पता लगाने तथा बदले में किसानों की
क्षतिपूर्ति के लिए राज्य सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह अपनी चार
टीमें प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में भेजी थी। टीम के सदस्य नुकसान का आंकलन करेंगे।
एमएसपी में कटौती के बाद इसे खरीदा जाएगा। मानकों के अनुसार ही गेहूं मिलने पर
खरीदे जाएंगे। ज्यादा टूटे या सिकूड़े गेहूं की रकम कम मिलेगी
कटौती का नुकसान किसानों को उठाना होगा। 2 फीसदी पर 5.31 रुपये प्रति क्विंटल की कटौती
की जाएगी। इसकी अधिकतम सीमा 18 फीसदी है।
इसे आसान भाषा में समझा जाए तो जितना किसानों का गेहूं खराब होगा
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उतनी कटौती होगी। अगर गेहूं की चमक 10 प्रतिशत से ज्यादा कम है
तो 5.31 रुपये की दर से कटौती होगी। अगर गेहूं 6 प्रतिशत से कम सिकुड़ा या टूटा है
तो कटौती नहीं होगी। लेकिन 6 से 8 प्रतिशत है तो 5.31 रुपये, 8-10 प्रतिशत है
तो 10.62 रुपये, 10-12 प्रतिशत है तो 15.93 रुपये, 12-14 प्रतिशत है तो 21.25 रुपये, 14-
16 प्रतिशत है तो 26.56 रुपये, 16-18 प्रतिशत है तो 31.87 रुपये की कटौती होगी।
