Farmers :अगली किसान सम्मान निधि चाहिए तो यह काम जल्द कर लें, लाखों किसानों का पैसा फंसा
Farmers: किसान सम्मान निधि की अगली किश्त पाने के लिए सभी किसानों को केवाईसी और भूलेखन कराना
अनिवार्य है। हर जिले में हजारों किसानों ने अभी केवाईसी नहीं कराया है।
यूपी में लाखों किसानों को अगली किश्त नहीं मिल सकेगी। गाजीपुर में ही चार लाख 66 हजार 708 किसानों ने सम्मान
निधि के लिए पंजीयन कराए है। इसमें 11वीं किश्त के लिए तीन लाख 90 हजार किसानों की ईकेवाईसी पूर्ण हो गयी है।
अभी 76 हजार 575 किसानों का भूलेख अंकन है, लेकिन ईकेवाईसी नहीं है। अगली किश्त का लाभ लेने के लिए
किसानों को ईकेवाईसी व भूलेख अंकन कराना अनिवार्य है। जिन किसानों की ओर से भूलेख अंकन व ईकेवाईसी नहीं
कराई जाएगी, उन किसानों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। यानी अगली किश्त नहीं मिल सकेगी।
कृषि और राजस्व विभाग की ओर से लाभार्थियों का सत्यापन किया जा रहा है।
सभी तहसीलों के लेखपालों की ओर से लाभार्थियों की हार्ड कॉपी पर भूलेख का अंकन किया जा रहा है।
वहीं जिन किसानों का ईकेवाईसी नहीं करायी गई है। उन किसानों की ईकेवाईसी भी करायी जा रही है।
1.58 लाख किसानों (Farmers) का आधार सीडिंग नहीं
किसान सम्मान निधि का लाभ लेने के लिए किसानों ने आवेदन किया है।
कृषि विभाग की ओर से किसानों को आधार सीडिंग कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
अब तक एक लाख 58 हजार किसानों ने आधार सीडिंग नहीं कराई है।
किसान सम्मान निधि का लाभ लेने के लिए आधार सीडिंग अनिवार्य है।
किसानों (Farmers) का भूलेख अंकन अनिवार्य
जनपद में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों में से भूमिहीन एवं मृतक किसानों को हटाते हुए
भूलेख अंकन का कार्य पूर्ण किया जा रहा है। इसमें अब तक एक लाख एक हजार 765 मृतक,
भूमिहीन को चिंहित करते हुए सूची से बाहर किया जा रहा है।
वहीं जो पात्र लाभार्थी है, उनका भूलेख अंकन किया जा रहा है।
आयकर अदा करने वाले ले रहे थे निधि
जिले के 5152 किसान आयकर अदा करने के बाद भी किसान सम्मान निधि प्राप्त कर रहे थे।
इसकी खोजबीन केंद्र सरकार ने आधार को बैंक खाते से टैग करके की है। इसकी सूची भी विभाग को उपलब्ध कराई गई
थी। संबंधित किसानों से निधि वापस करने के निर्देश दिए गए थे। इस संबंध में विभाग की ओर से
कार्रवाई की गई है।इसमें चार करोड़ दो लाख 12 हजार रूपया की
रिकवरी करनी है। जिसमें से अबतक 50 लाख रूपया की रिकवरी हुई है।
22 हजार भूमिहीन मृतक भी ले रहे थे लाभ
सम्मान निधि लाभार्थियों के सत्यापन कार्य में 22 हजार अपात्र लाभार्थी पाए गए हैं।
इसमें आठ हजार ऐसे किसान हैं जो कि भूमिहीन होने के बाद भी सम्मान निधि का लाभ ले रहे थे। जबकि योजना का
लाभ पा रहे 14 हजार किसानों की मौत हो चुकी है। अब इनकी सम्मान निधि बंद करने की कार्रवाई की जाएगी।
मृतकों को भेजी गई धनराशि वापसी के साथ ही भूलेख में इनके वारिसों का अंकन होने पर यदि वह सम्मान निधि नहीं
प्राप्त कर रहे है तो नियमानुसार लाभ दिया जाएगा। इस कार्य
में बैंकों का भी सहयोग कृषि विभाग की ओर से लिया जा रहा है।
कृषि उप निदेशक अतींद्र सिंह ने साफ किया कि ईकेवाईसी व भूलेख अंकन नहीं कराने वाले
किसानों को प्रधानमंत्री किसान (Farmers) सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
इसके लिए किसान कार्यालय में संपर्क कर भूलेख अंकन जरूर करा ले।
वहीं आयकर दाता किसान सम्मान निधि की धनराशि संबंधित बैंक में वापस करें। भूलेख अंकन का कार्य
तहसीलस्तर पर कराया जा रहा है। किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर किसान कार्यालय में संपर्क कर सकते है।
