Farmer की किस्त जारी करने के बाद पीएम मोदी का बड़ा ऐलान, सुनकर खुश हो जाएंगे आप
Farmer:प्रधानमंत्री मोदी ने नैनो यूरिया को कम खर्च में अधिक उत्पादन का माध्यम बताया.
उन्होंने कहा कि यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए भारत तेजी से तरल नैनो यूरिया की ओर बढ़ रहा है.
प्रधानमंत्री ने यहां स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के पूसा मेला ग्राउंड में दो दिवसीय ‘पीएम किसान सम्मान
सम्मेलन-2022’ का उद्घाटन किया. उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Farmer) योजना के अंतर्गत
16 हजार करोड़ रुपये की 12वीं किस्त जारी करने के बाद अपने संबोधन में यह बात कही.
2 लाख करोड़ से ज्यादा खातों में ट्रांसफर किए
पीएम मोदी ने किसान सम्मान निधि को आधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग से छोटे किसानों को होने वाले
फायदे का एक उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि इस योजना के शुरू होने के बाद 2 लाख करोड़ रुपये से
ज्यादा किसानों के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए हैं. उन्होंने इस मौके पर किसानों से खेती में
नई व्यवस्थाओं का निर्माण करने और वैज्ञानिक पद्धतियों तथा प्रौद्योगिकी को खुले मन से अपनाने की भी अपील की.
कम खर्च में अधिक पैदावार का माध्यम
उन्होंने कहा, ‘यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए भारत तेजी से तरल नैनो यूरिया की तरफ बढ़ रहा है.
नैनो यूरिया, कम खर्च में अधिक पैदावार का माध्यम है. जिनको एक बोरी यूरिया की जरूरत है,
वो काम अब नैनो यूरिया की एक छोटी सी बोतल से हो जाता है.
ये विज्ञान और टेक्नोलॉजी का कमाल है.’ प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत का सबसे अधिक खर्च जिन चीजों को
आयात करने में होता है, उनमें खाद्य तेल, उर्वरक और कच्चा तेल शामिल हैं
और इनको खरीदने के लिए हर वर्ष लाखों करोड़ रुपये दूसरे देशों को देना पड़ता है.
खेती में नई व्यवस्थाओं का निर्माण करना होगा
,विदेश में अगर कोई समस्या आती है,तो इसका बुरा असर हमारे यहां भी पड़ता है.’ प्रधानमंत्री ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि
उन्हें खेती में नई व्यवस्थाओं का निर्माण करना होगा और ज्यादा वैज्ञानिक पद्धतियों व प्रौद्योगिकी को खुले
मन से अपनाना ही होगा. उन्होंने कहा, ‘इसी सोच के साथ हमने कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक पद्धतियों को बढ़ाने
और प्रौद्योगिकी के ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल पर बल दिया है.’
‘एग्री स्टार्टअप कॉन्क्लेव’ का उद्घाटन किया
पीएम मोदी ने सरकार की आठवीं वर्षगांठ के अवसर पर मई महीने में हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में किसान
सम्मान निधि की 11वीं किस्त के रूप में 21,000 करोड़ रुपये जारी किए थे.
इस अवसर पर मोदी ने ‘एग्री स्टार्टअप कॉन्क्लेव’ का भी उद्घाटन किया.
इसके अलावा उन्होंने केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के तहत 600 पीएम-किसान समृद्धि केंद्रों (पीएम-केएसके) का
भी उद्घाटन किया और ‘भारत’ यूरिया ब्रांड नाम से किसानों के लिए ‘एक राष्ट्र-एक उर्वरक’ नामक महत्वपूर्ण योजना भी शुरू की.
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह योजना किसानों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण खाद मुहैया कराएगी.
उन्होंने कहा, ‘एक राष्ट्र-एक उर्वरक से किसान को हर तरह के भ्रम से मुक्ति मिलने वाली है
और बेहतर खाद भी उपलब्ध होने वाली है. देश में अब एक ही नाम और एक ही ब्रांड से और एक समान गुणवत्ता वाले
यूरिया की बिक्री होगी और ये ब्रांड है भारत.’ पीएम-किसान समृद्धि केंद्रों का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि ये ऐसे
केंद्र होंगे जहां सिर्फ खाद ही नहीं बल्कि बीज और उपकरण भी मिलेंगे और मिट्टी की
जांच भी हो सकेगी. हर प्रकार की जानकारी भी किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी.
