Eye flu: आई फ्लू का बढ़ रहा प्रकोप आंखों में जलन व खुजली से बच्चे भी हुए परेशान, डॉक्टर ने दी ये सलाह
eye flu: बारिश और उमस के बीच सुंदरबनी में बीमारियां बढ़ने लगी हैं अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले कुछ दिनों से सुंदरबनी में आई फ्लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। एक दूसरे के संपर्क में आने से बच्चों में आई फ्लू का संक्रमण तेजी से बढ़ा है।
बच्चों को लेकर अभिभावक परेशान
जानकारी अनुसार जिन स्कूलों में विद्यार्थियों को आई फ्लू की शिकायत मिल रही है उन्हें अध्यापक वापस घर भेज रहे हैं। बच्चों के संक्रमित होते ही परिवार के सदस्य भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। आई फ्लू के मामले तेजी से बढ़ने पर सुंदरबनी के सरकारी और निजी स्कूल संचालकों ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों की आंख लाल होने, जलन और खुजली होने पर अभिभावक बच्चों को स्कूल नहीं भेजें । इससे दूसरे बच्चे आई फ्लू के संक्रमण की चपेट में आने से बच सकते हैं।
बच्चों को ज्यादा हो रही तकलीफ
बीएमओ सुंदरबनी डॉक्टर निसार अहमद व डॉक्टर जोगिंदर शर्मा ने बताया कि विभाग की ओर से आई फ्लू को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है। डॉक्टर जोगिंदर ने बताया कि इस बार बरसात अधिक होने से आईफ्लू यानी कंजेक्टिवाइटिस रोग तेजी से फैल रहा है। इसकी चपेट में हर उम्र के लोग आ रहे हैं। बच्चों को अधिक परेशानी हो रही है।
बच्चों को स्कूल न जाने की दी सलाह
वैसे चिंता करने की जरूरत नहीं है। कुछ दिनों में यह रोग ठीक हो जाता है। आंखों को ठंडे पानी से निरंतर साफ करते रहे। संक्रमण न फैले इसके लिए रोगी से दूरी बनाकर रखे। काले चश्मे का इस्तेमाल करें। चिकित्सक के परामर्श के बाद ही दवा का इस्तेमाल करें। डॉक्टर जोगेंद्र ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि आई फ्लू की शिकायत होने पर बच्चे को स्कूल न भेजें।
क्या है आई फ्यू
आई फ्यू यानी कंजंक्टिवाइटिस को “पिंक आई” के रूप में भी जाना जाता है। यह एक संक्रमण है, जो कंजंक्टिवा की सूजन का कारण बनता है। कंजंक्टिवा क्लियर लेयर होती है, जो आंख के सफेद भाग और पलकों की आंतरिक परत को कवर करती है। मानसून के दौरान, कम तापमान और हाई ह्यूमिडिटी के कारण, लोग बैक्टीरिया, वायरस और एलर्जी के संपर्क में आते हैं जो एलर्जिक रिएक्शन और आई इंफेक्शन जैसे कंजंक्टिवाइटिस का कारण बनते हैं।
बार-बार आंखों को न छुएं
आई फ्लू के ये हैं लक्षण लालपन सूजन खुजली जलन रोशनी के प्रति संवेदनशीलता सफेद चिपचिपा पदार्थ निकलना सामान्य से अधिक आंसू आना ये बरतें सावधानी आंखों को बार-बार छूने से बचें आंखों को साफ करने के लिए टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें, उसे फेंक दें हाथ मिलाने से बचें आंखों को छूने के बाद साबुन से हाथ जरूर धो लें। सेनेटाइजर का इस्तेमाल करें रुमाल से आंख साफ करते समय उस हिस्से को हाथ से ना छुएं जिस हिस्से से आंख साफ की है, रूमाल को धोने डाल दें।
