Electricity bill:महंगाई का झटका देने की तैयारी में बिजली विभाग, सरकार ने किया नियमों में संशोधन, विरोध भी शुरू
electricity bill:भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय ने इलेक्ट्रिसिटी रूल-2023 में जो संशोधन
प्रस्तावित किया है उसके लागू होने पर आम ग्राहकों पर बिजली की महंगाई का तगड़ा झटका
लग सकता है। संशोधन के अनुसार अब बिजली चोरी व अन्य कारणों से होने वाले घाटे की
भरपाई उपभोक्ताओं से करनी पड़ेगी। उपभोक्ता परिषद ने मंगलवार को दावा किया कि
यह संशोधन प्रभावी होने पर यूपी में बिजली दरों में 8 से 10 फीसदी तक इजाफा होगा।
ऊर्जा मंत्रालय के इस प्रस्तावित कानून का विरोध भी होने लगा है।
ऊर्जा मंत्रालय ने प्रस्तावित संशोधन पर 11 मई तक लोगों से आपत्तियां व सुझाव मांगे हैं।
आपत्तियों के निस्तारण के बाद नया कानून लागू कर देने की तैयारी है।
प्रस्तावित कानून की जानकारी मिलने पर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इसका
विरोध शुरू कर दिया है। मंगलवार को परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि
इस प्रस्तावित कानून का हर स्तर पर विरोध होगा। आरोप लगाया है
कि इस नए प्रस्तावित कानून का अधिकाधिक लाभ निजी घरानों को होगा।
कानून बन जाने पर नियामक आयोग उसे मानने को बाध्य हो जाएगा
अवधेश का कहना है कि नया कानून लागू होने पर नियामक आयोग भी उसकी व्यवस्ताएं मानने को
बाध्य हो जाएगा। पिछले चार सालों से यूपी में बिजली दरें इसलिए नहीं बढ़ रही हैं
कि क्योंकि नियामक आयोग वितरण हानियों का भार उपभोक्ताओं पर नहीं आने देता है।
वितरण हानियों का 50 फीसदी भार आएगा उपभोक्ताओं पर
उन्होंने बताया है कि प्रस्तावित कानून में यह व्यवस्था दी गई है
कि वितरण हानियों से बिजली कंपनियों को जो नुकसान होगा,
उसका 50 फीसदी भार उपभोक्ताओं पर डाला जाएगा। शेष 50 फीसदी भार बिजली कंपनियां
वहन करेंगी। परिषद इस कानून की मुखालफत करते हुए अपनी आपत्तियां दाखिल करेगा।
यूपी में 14.90 फीसदी प्रस्तावित की गई हैं वितरण हानियां
यूपी में 2022-23 में 10.67 फीसदी वितरण हानियों पर बिजली दरें तय की गई हैं।
चालू वित्तीय वर्ष 2023-24 में रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) में
बिजली कपनियों ने 14.90 फीसदी वितरण हानियां प्रस्तावित किया है।
भविष्य में इस दर पर वितरण हानियां निर्धारित किए जाने की स्थिति में बिजली दरों में 8 से 10 फीसदी तक इजाफा हो जाएगा।
