Electricity: समय पर समस्या का समाधान नहीं तो बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा मुआवजा, आयोग ने तय किया रेट
Electricity: बिजली उपभोक्ताओं के लिए मुआवजा कानून के तहत मुआवजे के लिए नियामक
आयोग ने बिजली से संबंधित हर समस्या और उपभोक्ता सेवा के लिए समय तय की गई है।
निर्धारित समय में समस्या का समाधान नहीं होने होने पर उपभोक्ता मुआवजे का दावा कर सकेंगे।
ए-ग्रेड शहर में दो घंटे के अंदर ठीक करना होगा ट्रांसफार्मर फ्यूज
मसलन, ट्रांसफार्मर का फ्यूज उड़ने से बिजली बाधित होने पर लखनऊ जैसे ए-ग्रेड शहरों में 2 घंटे,
अन्य शहरों में 4 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 6 घंटे में इसे ठीक करना होगा। इस अवधि में फ्यूज ठीक कर सप्लाई
सामान्य नहीं होने की दशा में उपभोक्ता मुआवजे के लिए शिकायत व दावा कर सकेंगे।
गांवों में ट्रांसफार्मर जलने पर 48 घंटे में बदलना होगा
इसी प्रकार अंडरग्राउंड केबिल खराब होने से बिजली बाधित होने पर ए-ग्रेड शहरों में 2 घंटे, अन्य शहरी क्षेत्रों में
3 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे के अंदर खराबी ठीक करनी होगी। ट्रांसफार्मर जलने या खराब होने पर
ए-ग्रेड शहर में 6 घंटे, अन्य शहरी क्षेत्रों में 8 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 48 घंटे के अंदर ट्रांसफार्मर ठीक कर
सप्लाई सामान्य करने का समय तय किया गया है। नये कनेक्शन के लिए
आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 7 दिन के अंदर कनेक्शन देने का प्राविधान किया गया है।
इस अवधि में काम नहीं होने पर उपभोक्ताओं को मुआवजा मिलेगा।
इसी तरह अन्य सभी तरह की समस्याएं व सेवाओं के लिए समय तय किया गया है।
उपभोक्ता समस्या मुआवजा राशि
-अंडरग्राउंड केबिल ब्रेकडाउन——-100 रुपये प्रतिदिन
-सब-स्टेशन का निर्माण बाधित होने व
वोल्टेज विचलन के मामलों में —— 250 रुपये प्रतिदिन
-नया कनेक्शन मिलने में विलंब होने पर—50 रुपये प्रतिदिन
-मीटर रीडिंग से संबंधित दिक्कतों में—-200 रुपये प्रतिदिन
-डिफेक्टिव खराब होने पर समय से नहीं बदलने पर — 50 रुपये प्रतिदिन
-बिलिंग शिकायत/भार में कमी या आधिक्य के मामले में—–50 रुपये प्रतिदिन
-श्रेणी परिवर्ततन के मामले में———-50 रुपये प्रतिदिन
-ट्रांसफार्मर फेल ग्रामीण क्षेत्र में——–150 रुपये प्रतिदिन
-अस्थायी कनेक्शन तय समय में नहीं देने पर——–100 रुपये प्रतिदिन
-विद्युत आपूर्ति बढ़ाने के लिए सब-स्टेशन
की स्थापना तय समय में नहीं होने पर——500 रुपये प्रतिदिन
-काल सेंटर द्वारा रिस्पान्स नहीं दिए जाने पर—–50 रुपये प्रतिदिन
-फर्जी अवशेषों को बिल में आगे ले जाने पर—–100 रुपये प्रति चक्र
-नया कनेक्शन/अतिरिक्त भार के मामले में ——250 रुपये प्रतिदिन
-ओवरहेड लाइन/केबिल ब्रेकडाउन——–100 रुपये प्रतिदिन
-हर महीने के लिए तय शिड्यूल के मुताबिक बिजली नहीं मिलने पर—-शहरों में प्रतिदिन
20 रुपये प्रति किलोवाट तथा गांवों में प्रतिदिन की दर से 10 रुपये प्रति किलोवाट
