E ration: राशन कार्ड कितने प्रकार के होते हैं? जानिए कैसे अलग-अलग राशन कार्ड से मिलता है फायदा

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E ration: राशन कार्ड कितने प्रकार के होते हैं? जानिए कैसे अलग-अलग राशन कार्ड से मिलता है फायदा

e ration: देशभर में गरीबों के लिए केंद्र एवं राज्य सरकारें (Central and State Government) मिलकर

काम कर रही हैं. गरीबों के कल्याण के लिए सरकार की ओर से कई सारी योजनाएं चलाई जा रही हैं.

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फ्री राशन योजना में गरीबों को सरकार की तरफ से मुफ्त एवं कम दाम पर राशन कार्ड के जरिये

गेहूं और चावल मुहैया कराया जा रहा है. Department of Food, Supplies and Consumer Supplies के जरिए

राशन कार्ड में ये सुविधा दी जा रही है. इसका उद्देश्य देश के नागरिकों को रियायती कीमतों पर अनाज देना है.

क्या है e ration कार्ड

राशन कार्ड (Ration Card) एक ऐसा दस्तावेज है, जिसका उपयोग केंद्र एवं राज्य सरकारें

नागरिकों को आवश्यक दैनिक सामग्री को रियायती दर पर खरीदने में सहायता करने के लिए करती हैं.

इससे आपको कई तरह की सरकारी सुविधाएं लेने में सहायता मिलती है.

यह आपका पहचान प्रमाण के रूप में भी कार्य करता है, जिससे

भारत के सभी गरीब और असहाय परिवार इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं.

गरीबों के लिए है सुविधा

हर राज्य सरकार की ओर से अलग-अलग राशन कार्ड जारी करती हैं.

राजधानी दिल्ली में भी गरीबों को राशन कार्ड जारी किया जाता है. देश में 4 प्रकार के राशन कार्ड वितरित किए

जाते हैं. ऐसे में हम आपको बताएंगे कि कौन-सा राशन कार्ड किन

कैटेगरी के लोगों को जारी किया जाता है. यहां आप देख सकते हैं-

नीला/लाल/हरा/पीला राशन कार्ड

ये राशन कार्ड गरीबी रेखा से नीचे के लोगों को दिए जाते हैं. यह राशन कार्ड उन्हें

रियायती दरों पर खाद्य पदार्थ खरीदने में मदद करता है. BPL (गरीबी रेखा से नीचे) परिवारों को आर्थिक लागत के

50 फीसदी पर प्रति परिवार प्रति माह 10 किग्रा से 20 किग्रा खाद्यान्न

दिया जाता है. गेहूं, चावल, चीनी सहित अन्य आइटम दिए जाते है.

सफेद कार्ड

यदि आप गरीबी रेखा से ऊपर हैं तो सफेद राशन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं.

सफेद रंग का मतलब है कि वह व्यक्ति भारत का नागरिक है जो गरीबी रेखा से ऊपर है.

राज्य सरकारें चावल, गेहूं, चीनी और मिट्टी के तेल के लिए एक निश्चित मात्रा के लिए रियायती दर पर दिया जाता है.

साथ ही एपीएल परिवारों को प्रति परिवार प्रति माह 10 किलो

से 20 किलो अनाज आर्थिक लागत के आधार पर दिया जाता है.

अंत्योदय अन्न योजना

बिना निश्चित आय वाले व्यक्तियों को यह कार्ड प्राप्त होता है. इसमें बेरोजगार लोग, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं.

ये कार्डधारक प्रति परिवार प्रति माह 35 किलोग्राम खाद्यान्न प्राप्त कर सकते हैं. उन्हें चावल के लिए 3 रुपये, गेहूं के लिए

2 रुपये और मोटे अनाज के लिए 1 रुपये की रियायती कीमत पर खाद्यान्न प्राप्त होता है.

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Ajay Sharmahttps://computersjagat.com
Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

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