dumbphone: स्मार्टफोन को छोड़ अब डंबफोन की तरफ तेजी से बढ़ रहे लोग, जानें क्या है इस फोन में जो लोगों के दिलों पर छा रहा
dumbphone: भारत में हर साल लगभग 17 करोड़ स्मार्टफोन बिकते हैं।
वही देश में 120 करोड़ मोबाइल यूजर्स हैं। लेकिन अब यही मोबाइल अब कई परेशानियों और
टेंशनों की वजह भी बन रहा है। इसलिए अब लोग डंबफोन (dumbphone) अपना रहे हैं।
अब ऐसे में ये जानना जरुरी है आखिर डंबफोन (dumbphone) है क्या। और इसके फायदे क्या हैं।
डंबफोन (dumbphone) क्या है?
सबसे पहले यही समझते हैं कि डंबफोन हैं क्या। और ये स्मार्टफोन से कितने अलग होते हैं।
आपने 1990 के समय के कीपैड वाले फोन तो देखे ही होंगे। दरअसल इसी को ही डंबफोन कहते हैं।
इनमें न तो स्मार्टफोन की तरह इंटरनेट है। और न ही अनगिनत ऐप और ढेरों फंग्सन है।
इसमें बस फोन लगाना या रिसीव करना, टैक्स मैसेज भेजना, बेसिक पिक्चर लेने से लेकर
रेडियो सुनने तक ही सुविधा होती थी। लेकिन अब इसी डंबफोन की वापसी हो रही है।
भारत में 35 करोड़ डंबफोन (dumbphone) यूजर्स
2018 से 2021 के बीच डंबफोन की 89 प्रतिशत गुगल सर्च बढ़ी है। 2021 की एक रिपोर्ट के मुताबिक
यूके में 10 में से एक मोबाइल यूजर्स डंबफोन का इस्तेमाल करता है। वही भारत में भी 35 करोड़ डंबफोन यूजर्स हैं।
लेकिन हाईटेक स्मार्टफोन को छोड़ लोग डंबफोन का इस्तेमाल क्यों कर रहे हैं। इसके पीछे एक नहीं तीन वजह हैं।
पहली वजह सस्ता ऑप्शनः इसे ऐसे समझिए, नोकिया ने 2017 में अपना नोकिया 3510 हेडसेट रिलॉंच किया।
टिक टॉक वीडियो से इंस्ट्राग्राम रील तक ये फोन खूब दिखे, साल 2000 में पहली बार आये
इस फोन पर लोगों को पहले से भरोसा था।लेकिन इसके रिलॉचिंग ने लोगों को सस्ता
और अच्छा ऑप्शन दे दिया। भारत में डंबफोन 1500 रुपये से लेकर 3000 रुपये तक में असानी से मिल जाते हैं।
दूसरी वजह मजबूत और टिकाऊः प्रदर्शन में भले ही ये स्मार्टफोन से पीछे हों,
लेकिन इन्हे आसानी से खरीदा जा सकता है और स्मार्टफोन से ज्यादा मजबूत और
टिकाऊ भी हैं। साथ ही इन्हे बार-बार चार्ज भी नहीं करना पड़ता।
तीसरी और सबसे बड़ी वजह हमारी स्मार्टनैस छीनते स्मार्टफोनः दुनियाभर में स्मार्टफोन पर हुए
कई अध्ययन में ज्यादा ये मिला कि स्क्रीन टाइम का असर हमारे अटेंशन, कंसंट्रेशन और मेमोरी पर पड़ता है।
इससे निगेटिविटी बढ़ रही है।और प्रोडक्टिविटी कम हो रही है।
बाकी स्मार्टफोन से डेटा चोरी और साइबर क्राइम के दूसरे खतरे तो है ही।
क्या कहती है मार्केट रिपोर्ट
हालही की मार्केट रिपोर्ट में भी कुछ ऐसा ही दिख रहा है। पिछले तीन साल के मुकाबले
भारत में स्मार्टफोन की बिक्री में 10 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है।
हालाकि 5जी के आने से उम्मीद भी जगी है। वही स्मार्ट फोन की
स्मार्टनैस से बचने के लिए अब फिर से लोग कीपैड की दुनिया में लौट रहे हैं।
