Dhanteras पर बन रहा है शुभ संयोग, इस दिन झाडू-बर्तन के साथ न खरीदें ये चीजें, होता है अपशकुन

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Dhanteras: पंचांग के अनुसार धनतेरस कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष के

त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है धन तेरस को अलग अलग नाम से जाना जाता है

इन्हें कही धनतेरस, धन्वंतरी जयंती के नाम से भी जानते है इस दिन

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आयुर्वेद चिकित्सक पद्धति के जनक कहे जाने वाले धन्वंतरी देव इसी दिन

समुन्द्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रगट हुए थे इसलिए इस दिन को धनतेरस यानी

धन्वंतरी कहा जाता है. इस दिन बर्तन खरीदने की परंपरा है क्योंकि धन्वंतरी देव समुन्द्र मंथन से जब प्रगट हुए

तब उनके हाथ में अमृत से भरा कलश था इसलिए इस दिन बर्तन

खरीदा जाता है. इस दिन से दीपावली की शुरुआत हो जाती है

धनतेरस पूजा का शुभ मुहुर्त

10 नवंबर दिन शुक्रवार संध्या 05:21 मिनट से 07:18 मिनट तक रहेगा

कुल अवधि 01:57 मिनट

त्रयोदशी तिथि का आरंभ 10 नवंबर 2023 दोपहर 12:35 से

त्रयोदशी तिथि का समाप्त 11 नवम्बर 2023 दोपहर 01 :57 तक

प्रदोष काल संध्या 05:03 से 07:39 संध्या तक रहेगा .

वृषभ काल संध्या 05 :21 से 07:18 संध्या तक रहेगा .

यम का दीप 10 नवम्बर 2023 दिन शुक्रवार को मनाया जायेगा

धनतेरस पर क्या खरीदे क्या नहीं खरीदे

इस दिन सोना, चांदी, पीतल खरीदना चाहिए, धनिया तथा झाडू खरीदना शुभ माना जाता है .

यह भी पढ़ें :Dhanteras 2022: जानें क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त, धनतेरस आज, खरीदारी का समय और पूजा विधि

इस दिन काले रंग की वस्तु, कांच से बनी वस्तु ,चीनी मिट्टी से बनी वस्तु

लोहे तथा अलमुनियम से बने हुए वस्तु की खरीदारी नहीं करें.

Dhanteras के दिन झाडू का खरीदारी क्यों करना चाहिए

Dhanteras के दिन झाडू खरीदने के पीछे जुड़ी मान्यता के अनुसार इससे घर में

मां लक्ष्मी का आगमन होता है आपके घर के नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाते है.

इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न रहती है घर में धन-धन्य में वृद्धि होगा. झाडू विषम संख्या में खरीदें.

इस दिन शंख का पूजन करने का विशेष महत्व है

कहा जाता है भगवान धन्वंतरी देव भी समुंद्र मंथन से प्रगट हुए थे शंख भी समुंद्र से प्रगट हुए है

शंख को भगवान विष्णु का प्रतीक माना जाता है कार्तिक मास में भगवान विष्णु का विशेष पूजन किया जाता है

इसलिए शंख का पूजन करे धन का लाभ होगा याद रखे शंख का पूजन करें

लेकीन शंख को अपने पूजन में बजाए नहीं इससे भगवान विष्णु नाराज होते है.

Dhanteras के दिन धन्वंतरि और धन की देवी लक्ष्मी माता की पूजा की जाती है.

इस दिन स्वास्थ्य, समृद्धि और कल्याण की कामना की जाती है. माना जाता है

कि देवी लक्ष्मी की पूजा करने और Dhanteras या धनत्रयोदशी पर नई चीजें लाने से

सौभाग्य की प्राप्ति होती है. इसी दिन से पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत हो जाती है.

 

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Ajay Sharmahttps://computersjagat.com
Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

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