Crop Insurance : फसल बीमा योजना का लाभ चाहिए या नहीं? 31 जुलाई तक बैंक को लिखकर दें किसान
Crop Insurance : फसल बीमा योजना में फसली ऋण लेने वाले किसान इस बार खरीफ में धान,
दलहन, तिलहन आदि अपनी फसलों का बीमा नहीं करवाना चाहते हैं। इस बारे में उन्हें 31 जुलाई तक संबंधित बैंक को
लिखकर प्रार्थना पत्र देना होगा। अगर बीमा करवाने की अंतिम तिथि से सात दिन पहले ऐसा प्रार्थना पत्र बैंक को
प्राप्त हो जाता है तो किसान अनिवार्य रूप से बीमा योजना में कवर नहीं होगा।
अन्यथा अधिसूचित फसलों के लिए लिये गये ऋण पर नियमानुसार बीमे की प्रीमियम कटौती की जाएगी।
कृषि विभाग ने सलाह दी है कि किसानों द्वारा निकटतम बैंक शाखा या बीमा कंपनी के एजेण्ट,
निकटतम कॉमन सर्विस सेण्टर या फिर सीधे बीमा कम्पनी अथवा केंद्र के आनलाइन पोर्टल WWW.pmfby.gov.in के
माध्यम से अंतिम तिथि तक अधिसूचित फसलों का बीमा करवाया जा सकता है।
किसानों द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर खरीफ में फसल धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, उर्द, मूंग, अरहर, मूंगफली, सोयाबीन
और तिल का बीमा करवाया जा सकता है। सभी फसलों के लिए किसान द्वारा वहन किए जाने वाले प्रीमियम दर को
खरीफ में बीमित राशि के दो प्रतिशत और खरीफ-रबी की वार्षिक फसल के लिए
बीमित राशि का पांच प्रतिशत अधिकतम दर पर सीमित रखा है।
किसान द्वारा खरीफ फसलों के लिए 31 जुलाई तक फसल बीमा करवाया जा सकता है।
