Credit card lenders: बैंक से ऋण और क्रेडिट कार्ड के लिए बार-बार चेक न कराएं सिबिल, घटेगा स्कोर

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Credit card lenders: बैंक से ऋण और क्रेडिट कार्ड के लिए बार-बार चेक न कराएं सिबिल, घटेगा स्कोर

Credit card lenders: घर पर बैठकर आप मोबाइल पर सिबिल स्कोर चेक कर सकते हैं। यह सुविधा एंड्रायड फोन में हर किसी के पास है, लेकिन आप किसी बैंक या क्रेडिट कार्ड देने वाली कंपनियों से सिबिल चेक न कराएं।

इससे आपका सिबिल स्कोर खराब होता है। बैंक अधिकारियों का कहना है सिबिल तभी चेक कराएं, जब आपको बैंक के साथ वित्तीय व्यवहार रखना हो।

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अन्यथा माना जाता है आपके किसी प्रायोजन से सिबिल जांची गई और बैंक से आपका व्यवहार नहीं हो सका। इससे संकट के समय आपको बैंक से ऋण (credit card lenders) लेने में परेशानी आ सकती है।

सिबिल के अंक बताते हैं आपका व्यवहार

नोट: जिन लोगों का सिबिल स्कोर माइनस -वन होता है, उनका पिछले 24 महीने में बैंक से ऋण (credit card lenders) संबंधी लेनदेन का कोई व्यवहार नहीं माना जाता है।

सिबिल स्कोर एक है उनका डिफाल्टर होने का खतरा सर्वाधिक होता है। सिबिल स्कोर दो है तो डिफाल्टर होने का खतरा होता है।

स्कोर तीन होने से डिफाल्टर होने खतरा सामान्य होता है। सिबिल स्कोर कम तो ज्यादा ब्याज पर मिलेगा ऋण एसबीआइ के बैंक अधिकारी बताते हैं ऐसे लोग, जिनका सिबिल स्कोर 750 से कम होता है उनसे बैंक ब्याज अधिक लेती है।

उनका बैंक के साथ लेन देन ठीक नहीं रहा। इसलिए उन पर बैंक ब्याज नौ फीसद से अधिक रहता है।

750 से अधिक स्कोर होने पर बैंक ब्याज 8.70 फीसद है, जिनका सिबिल स्कोर माइनस-वन है उन पर बैंक का ब्याज 8.80 निर्धारित है।

बैंक ने सिबिल देखी यानी हार्ड इंक्वारी

बैंक अधिकारियों का कहना है कि जब भी उनके पास कोई हितग्राही ऋण लेने आता है, तब वह उसकी सिबिल देखते हैं,

जिसमें यह पता चलता है कि बैंक के साथ उसका व्यवहार रहा है या नहीं। यदि व्यवहार रहा है तो कैसा।

सिबिल जांचने पर प्रति सिबिल बैंक को 250 रुपये अदा करने होते हैं। बैंक या किसी कंपनी द्वारा की गई इंक्वारी हार्ड इंक्वारी मानी जाती है।

इसकी डिटेल आपकी सिबिल में जुड़ जाती है। इससे स्कोर में 8 से 10 अंक कम हो जाते हैं।

ऐसे कर सकते हैं सिबिल चेक

सिबिल जांचने के लिए आप गूगल पर सिबिल स्कोर लिखें। फ्री में सिबिल जांच सकते हैं।

इसमें हितग्राही को अपना नाम, पता, जन्म तिथि, पेन नंबर, पिनकोड, मोबाइल नंबर और मेल आइडी देनी होगी। इसके बाद वह आपका सिबिल स्कोर बता देता है।

हर किसी से न कराएं सिबिल चेक

सिबिल हर किसी से चेक न कराएं। आपके साथ धोखा हो सकता है। सिबिल में आपकी पूरी जानकारी होती है।

उसमें बैंक डिटेल से लेकर आपका पेन, आधार, आपका, मोबाइल नंबर, मेल आइडी सबकुछ होता है।

यह जब किसी अनजान व्यक्ति के पास पहुंचता है तो वह आपके डेटा का गलत उपयोग कर सकता है।

आपके सवाल और उनके जबाव

सवाल: पैसा बाजार, पेटीएम, गूगल पर फ्री में सिबिल देखने पर स्कोर पर कोई प्रभाव पड़ता है।

जवाब: यह साफ्ट इंक्वारी मानी जाती है। आपने इंक्वारी की इसकी डिटेल आपके सिबिल में जुड़ेगी, लेकिन स्कोर पर दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा।

सवाल: बैंक या फिर किसी क्रेडिट कार्ड बनाने वाली कंपनी से स्कोर चेक कराना उचित है।

जवाब: बिना आवश्यकता बैंक या क्रेडिट कार्ड कंपनी से स्कोर चेक न कराएं। यह हार्ड इंक्वारी में आती है, जो आपका सिविल स्कोर कम करती है। बार-बार चेक कराने वाले व्यक्ति के साथ बैंक व्यवहार रखने से कतराते हैं।

आप जितनी बार किसी भी प्लेटफार्म से सिबिल चेक करेंगे वह आपके सिबिल में जुड़ जाती है।

आप अधिक बार सिबिल जांच रहे हैं और किसी भी बैंक से आपका व्यवहार नहीं हो रहा है तो संबंधित बैंक आपके व्यवहार पर संदेह करता है। इससे आपके साथ ऋण देने संबंधी व्यवहार रखने से कतराते हैं।

– सर्वेश सिंह, उप प्रबंधक हाउस लोन, एसबीआइ

आप जितनी बार सिबिल जांचते हैं। उतनी बार आपका स्कोर कम होता है। अच्छा स्कोर ही आपको बैंक से ऋण दिलाने में मदद करता और ब्याज भी कम लगता है।

क्रेडिट कार्ड के लिए या बिना किसी प्रायोजन के सिबिल स्कोर जांचना दुखदायी हो सकता है। इसलिए प्रयास करें कि इसे बार-बार न देखें।

अंकुर श्रीवास्तव बैंक मैनेजर, पीएनबी

 

 

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Ajay Sharmahttps://computersjagat.com
Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

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