Credit Card से हर महीने ईएमआई भरने से पहले ध्यान में रखें यह बातें, वरना हो सकता है हजारों का नुकसान
अगर समझदारी से इस्तेमाल किया जाए तो क्रेडिट कार्ड (Credit Card) काफी काम की चीज है.
वहीं क्रेडिट कार्ड से कुछ भी भुगतान करने के बाद उसके बिल का भी हर महीने पेमेंट करना होता है.
वहीं कई बार हम क्रेडिट कार्ड से कोई चीज EMI पर खरीद लेते हैं, जिसके हमें कई
महीने तक ईएमआई चुकानी होती है. हालांकि क्रेडिट कार्ड से अलग कोई चीज EMI पर ली है
तो उसके बारे में कुछ बातें भी ध्यान में रखनी चाहिए, ताकी कोई नुकसान न हो.
ईएमआई प्रमेंट
जब भुगतान की जाने वाली राशि को ईएमआई में बदलते हैं तो हर महीने किश्तों में बकाया राशि का
भुगतान किया जाता है और कई बार इन किस्तों पर ब्याज भी देना पड़ता है.
हालांकि क्रेडिट कार्ड पर ईएमआई उपयोगी और सुविधाजनक हो सकती है
लेकिन ईएमआई का विकल्प चुनते समय कुछ बातें ध्यान में रखनी चाहिए.
1. प्रोसेसिंग शुल्क: क्रेडिट कार्ड ईएमआई पर प्रोसेसिंग शुल्क भी लगता है.
यह सुझाव दिया जाता है कि EMI विकल्प चुनने से पहले कार्ड सेवा प्रदाता के साथ शुल्क की जांच कर लें.
2. ब्याज दर: प्रोसेसिंग शुल्क के अलावा, आपका क्रेडिट कार्ड सेवा प्रदाता उस राशि पर ब्याज भी लेगा जिसे
ईएमआई में बदला जा रहा है. कई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जीरो कॉस्ट ईएमआई भी देते हैं,
जिसमें आपको कोई अतिरिक्त राशि का भुगतान नहीं करना पड़ता है. ऐसे में कितनी ब्याज दर है उसकी जांच करनी चाहिए.
3. क्रेडिट बैलेंस: भुगतान से पहले या अपने लेन-देन को ईएमआई में बदलने से पहले हमेशा कार्ड में उपलब्ध क्रेडिट
की जांच करें. यदि पर्याप्त क्रेडिट उपलब्ध नहीं है, तो ईएमआई अनुरोध को अस्वीकार किया जा सकता है.
4. फोरक्लोजर चार्ज: अगर आप बची हुई EMI का एक साथ भुगतान करना चाहते हैं
तो उसे फोरक्लोज कहा जाता है और ऐसे में चार्ज + जीएसटी लगेगा.
5. मिस्ड पेमेंट: अगर किसी EMI की पेमेंट नहीं की गई है और चूक गए हैं
तो इस मामले में आपसे लेट फीस और अन्य शुल्क लिए जाएंगे. साथ ही अतिरिक्त ब्याज भी लिया जाएगा
और हजारों का नुकसान भी हो सकता है. साथ ही पेमेंट मिस कर देने से क्रेडिट स्कोर भी प्रभावित होता है.
