Car Insurance में क्लेम से कम मिली आपको रकम, कहीं ये वजह तो नहीं?

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Car Insurance में क्लेम से कम मिली आपको रकम, कहीं ये वजह तो नहीं?

Car insurance : अगर आप कार रखते हैं, तो ये आपको पता ही होगा कि कार का इंश्योरेंस कितना जरूरी है?

ये ना सिर्फ आपकी गाड़ी बल्कि पर्सनल सुरक्षा के लिए भी जरूरी है.

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लेकिन कई बार देखा गया है कि एक्सीडेंट या किसी प्राकृतिक आपदा से कार को नुकसान पहुंचने के बाद

Car insurance की रकम क्लेम से कम आती है, या क्लेम ही रिजेक्ट हो जाता है. क्या आपको इसकी वजह पता है…?

भारत में car insurance देने वाली कंपनियां दो तरह से क्लेम सेटलमेंट करती हैं.

एक होता है कैशलेस जिसमें सीधे बीमा कंपनी ही रिपेयरिंग सेंटर को पैसे का भुगतान कर देती है.

दूसरा होता है रीइंबर्समेंट यानी जिसमें ग्राहक को बीमा कंपनी से क्लेम करने पर पैसा मिल जाता है.

वैसे कार इंश्योरेंस क्लेम करने में कोई दिक्कत ना हो, इसलिए

अधिकतर एक्सपर्ट ऐसी कंपनी से बीमा लेने के लिए बोलते हैं, जिनका क्लेम सेटलमेंट रेशियो बेहतर हो.

क्लेम की रकम से कम आया पैसा?

अब समझते हैं कि आखिर कब आपको क्लेम की रकम से कम पैसा मिल सकता है.

आम तौर पर अधिकतर लोग कॉम्प्रिहेंसिव कार इंश्योरेंस कराते हैं

जिसमें कार के लिए ओवरऑल इंश्योरेंस कवर मिलता है. फिर भी इंजन के डैमेज की सिक्योरिटी के लिए

आपको अलग से एड-ऑन लेना पड़ सकता है. अब मानकर चलिए बाढ़ में अगर आपकी कार को नुकसान हुआ

Car insurance क्लेम तो आपको मिल जाएगा, लेकिन पानी भरने से इंजन को जो नुकसान होगा उसके लिए

एड-ऑन ही काम आएगा. नहीं तो आपको इंजन के लिए कोई इंश्योरेंस कवर नहीं मिलेगा.

बीमा पे के फाउंडर हनूत मेहता बताते हैं कि कई बार कार इंश्योरेंस का क्लेम कार की कंडीशन पर भी डिपेंड करता है.

मतलब कि आपकी कार कितनी पुरानी है और कितनी चली है.

इस पर भी आपके car insurance का क्लेम निर्भर करता है. अगर आपकी कार की रिपेयरिंग कॉस्ट उसकी

इंश्योर्ड डिक्लेयर वैल्यू ( बीमा खरीदते या रिन्यू कराते वक्त आंका गया मूल्य) के 60 प्रतिशत से कम आती है,

तब आपका क्लेम सेटलमेंट कार की उम्र और पार्ट्स की डेप्रिसिएशन वैल्यू के हिसाब से तय होगा.

मतलब आपको आपके क्लेम किए गए बिल से कम रकम इंश्योरेंस कंपनी से मिल सकती है.

इसी बात को और अच्छी तरह ऐसे समझ सकते हैं कि कार में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक और रबड़ के पार्ट्स को

नुकसान पहुंचने पर 50 प्रतिशत डेप्रिसिएशन अप्लाई होता है. इसका मतलब ये हुआ

कि आपको नुकसान का सिर्फ आधा अमाउंट ही क्लेम में मिलता है, बाकी का अपनी जेब से भरना होता है.

कब रिजेक्ट हो सकता है इंश्योरेंस क्लेम?

कई बार आपका कार इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट भी हो सकता है. फाइनेंस सेक्टर की बड़ी कंपनी पॉलिसी बाजार के

मुताबिक कार इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्शन की वजह इस प्रकार हो सकती हैं.

  1.  अगर आपने कार के चोरी होने या नुकसान होने की जानकारी 48 घंटे के अंदर नहीं दी या एक्सीडेंट के बाद 7 दिन के अंदर क्लेम प्रोसेस शुरू नहीं की, तो आपका क्लेम रिजेक्ट हो सकता है.
  2. अगर आपका बीमा क्लेम फर्जी पाया जाता है, तब ये रिजेक्ट हो सकता है.
  3.  अगर आप नशे की हालत में कार चलाते पाए जाते हैं, जब आपका इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट हो सकता है.
  4. अगर आप बिना मान्य ड्राइविंग लाइसेंस के कार चलाते हैं, तब आपका क्लेम मान्य नहीं होगा.
  5.  अगर आप बीमा पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन करते हैं या आपकी पॉलिसी लैप्स कर जाती है. तब इंश्योरेंस क्लेम मान्य नहीं होगा.
  6.  अगर आपकी कार का नुकसान, इंश्योरेंस कवर का हिस्सा नहीं है. या आपने बीमा कंपनी को बताए बिना कार में मॉडिफिकेशन कराए हैं. तब आपका क्लेम रिजेक्ट हो जाएगा.

 

 

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Ajay Sharmahttps://computersjagat.com
Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

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