car insurance: कार इंश्योरेंस प्रीमियम 50% तक कम करने का बेस्ट तरीका, आपको करना होगा बस ये काम
car insurance: भारत में मोटर व्हीकल एक्ट के तहत किसी भी तरह के वाहन का बीमा कराना अनिवार्य है,
फिर वह चाहे कार हो या मोटरसाइकिल या स्कूटर. कार इंश्योरेंस का प्रीमियम काफी अधिक होता है,
ऐसे में अगर आप भी अपने कार इंश्योरेंस (car insurance) प्रीमियम को
50 प्रतिशत तक कम करना चाहते हैं, तो ये तरीका आपके काम आ सकता है.
कार इंश्योरेंस (car insurance) के प्रीमियम को कम करने में ‘नो क्लेम बोनस’ काफी मददगार साबित होता है.
अगर कोई पॉलिसी होल्डर कार इंश्योरेंस पॉलिसी टर्म के दौरान किसी तरह के डैमेज या नुकसान का क्लेम नहीं करता
है, तब इसका फायदा पॉलिसी होल्डर को प्रीमियम में छूट के तौर पर मिलता है.
जब भी कोई पॉलिसी होल्डर अपनी कार इंश्योरेंस पॉलिसी को रीन्यू कराता है.
तब उसे नो क्लेम बोनस के चलते कंपनी प्रीमियम पर 20 से 50 प्रतिशत तक की छूट ऑफर करती हैं.
इस तरह लोगों का कार इंश्योरेंस प्रीमियम 50 प्रतिशत तक कम हो जाता है.
नो क्लेम बोनस का फायदा साल दर साल बढ़ता जाता है. आपने अपने कार इंश्योरेंस (car insurance) के साथ
कितनी बार नो-क्लेम बोनस लिया है. इससे आपके प्रीमियम पर छूट तय होती है.
जितनी ज्यादा बार आप अपने कार इंश्योरेंस के साथ ‘नो क्लेम बोनस’ का फायदा
उठाते हैं,उतनी बार आपके प्रीमियम पर छूट की सीमा बढ़ती जाती है.
एक और बात जो ‘नो क्लेम बोनस’ के साथ मायने रखती है. वो ये कि इसका फायदा असल में पॉलिसी होल्डर से जुड़ा
होता है, ना कि उस वाहन से जिसके लिए आपने इंश्योरेंस लिया है.
अगर आपकी एक कार पर आपने कई बार नो क्लेम बोनस लिया,
तो आप अपनी किसी और कार के इंश्योरेंस पर भी इसका फायदा ले सकते हैं.
‘नो क्लेम बोनस’ लेने वाले पॉलिसी होल्डर्स को लेकर बीमा कंपनियां मानती हैं
कि ऐसे लोग सेफली कार ड्राइव करते हैं, इसलिए एक्सीडेंट कम होते हैं और क्लेम कम किए जाते हैं.
कंपनियां ‘नो क्लेम बोनस’ देती भी इसलिए हैं कि लोगों के बीच सुरक्षित ड्राइव को प्रमोट किया जा सके.
