Car accident lawyers:आपको पूरा कंगाल कर सकता है आपके द्वारा किया गया एक्सिडेंट, सुनिए यह एक वकील की जुबानी
car accident lawyers: भारत में रोजाना काफी लोग सड़क दुर्घटनओं के शिकार होते हैं।
सड़क हादसे बढ़ने का कारण लापरवाही से गाड़ी चलाना तो है
ही साथ ही दिनों दिन बढ़ती व्हीकल्स की समस्या भी इसकी एक प्रमुख वजह माना जा सकता है।
अब देश के काफी शहरों में सड़कों पर सीसीटीवी कैमरा इंस्टाल कर दिए गए हैं
जिससे अब लापरवाही से गाड़ी चलाकर दूसरों को दुर्घटना का शिकार बनाने वालों की पहचान करने में
आसानी होती है। क्या कभी आपने सोचा है कि यदि आपकी गाड़ी से किसी का एक्सिडेंट हो जाए तो
आप कितनी बड़ी प्रॉब्लम में फंस सकते हैं। Amish Aggarwala नामक एक वकील ने अपने यूट्यूब चैनल पर
इस बात पर काफी प्रभावी रूप से प्रकाश डाला है। अमिश ने Motor Vehicle Law के
बारे में इस टॉपिक पर बात की है जो आगे हम आपसे शेयर कर रहे हैं:
अमिश कहते हैं कि चाहे आपने किसी को गैर इरादतन तरीके से ही क्यों ना टक्कर मारी हो या फिर
किसी दूसरे की ही लापरवाही की वजह से आप एक्सिडेंट कर बैठे हो तो भी कानूनन तौर पर
दोष आपके ही सिर जाएगा। इससे भी कोई फर्क नहीं पड़ता है कि गाड़ी का ओनर कार चला रहा था कि नहीं।
रोड एक्सिडेंट (car accident lawyers) में शामिल गाड़ी के ओनर को दुर्घटना का शिकार हुए
व्यक्ति को हर्जाना देना होता है। इसलिए ही अपनी गाड़ी का third party insurance कराने की सलाह दी जाती है।
पीड़ित को दिए जाने वाले हर्जाने में कई फैक्टर्स को देखते हुए उसका कैलकुलेशन किया जाता है।
अमिश ने अपने वीडियो में एक क्लाइंट का उदाहरण देते हुए इस बारे में अच्छे से समझाने की कोशिश की है।
ये क्लाइंट उनके पास कुछ सालों पहले आया था। उनके क्लाइंट की वर्कशॉप थी
जहां एक कबाड़ में स्कूटर रखा हुआ था। उनकी वर्कशॉप में काम करने वाले एक मैकेनिक ने जैसे तैसे उस स्कूटर को
ठीक कर दिया और बिना किसी आज्ञा के उसकी राइड लेने निकल पड़ा। उस स्कूटर की कंडीशन इतनी खराब थी
कि वो मैकेनिक उसे पूरी तरह से ठीक नहीं कर पाया था। नतीजतन उस स्कूटर ने सड़क पर चल रहे
दो लोगों को टक्कर मार दी। यदि दुर्घटना का शिकार हुए पीड़ित इनकम
ज्यादा नहीं है तो व्हीकल के ओनर को उसे गुजारा भत्ता देना होता है।
इस केस में स्कूटर का मालिक उसे इस्तेमाल नहीं कर रहा था और उसने उसका इंश्योरेंस भी नहीं कराया था।
अब चूंकि मैकेनिक स्कूटर चला रहा था तो स्कूटर के ओनर का तो इसमें कोई दोष था
नहीं मगर कानून इस बात को नहीं मानता है। उन्होनें बताया कि इस केस में स्कूटर के ओनर को दुर्घटना में घायर हुए
लोगों को 5 से 15 लाख रुपये बतौर हर्जाना देना पड़ा। हालांकि यदि वो स्कूटर का इंश्योरेंस करा लेते तो शायद
उनको इतनी मोटी रकम खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती। इस वीडियो में इस बात की भी सीख दी गई है
कि यदि आप अपना व्हीकल इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं तो उसे बेचने में ही फायदा है।
