Brain Health: दिमाग को नुकसान पहुंचा सकती हैं ये 6 आदतें, समय रहते बदलें अपनी लाइफस्टाइल
Brain Health:शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हम तमाम कोशिश करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारा दिमाग भी उतना ही नाजुक है जितना हमारा शरीर? जी हां, हर रोज की कुछ छोटी-छोटी आदतें धीरे-धीरे दिमाग को नुकसान पहुंचा सकती हैं,
जिसका असर हमारी याददाश, सोचने-समझने की क्षमता और यहां तक कि मूड पर भी पड़ सकता है
यह भी पढ़ें :Health: सर्दी-जुकाम में आफत बन जाती है कड़वी दवाई? चॉकलेट से मिलेगा सहारा
आइए जानते हैं कि कौन सी आदतें दिमाग के लिए खतरनाक हैं और इनसे कैसे बचा जा सकता है.
नींद की कमी
पर्याप्त नींद न लेना दिमाग के लिए सबसे बड़ा नुकसानदेह फैक्टर है. नींद के दौरान दिमाग महत्वपूर्ण कामों को पूरा करता है, जैसे यादों को समेट कर रखना, तनाव का कम होना और ब्रेन सेल्स का निर्माण.
वयस्कों के लिए 7-8 घंटे की नींद जरूरी होती है, लेकिन ज्यादातर लोग इससे कम सोते हैं, जिससे दिमाग की कार्यक्षमता कम हो सकती है.
ज्यादा स्क्रीन टाइम
स्मार्टफोन और टीवी के सामने घंटों बिताना दिमाग के लिए हानिकारक हो सकता है. लगातार स्क्रीन देखने से दिमाग की एकाग्रता कम होती है,
याददाश कमजोर होती है और तनाव बढ़ता है. स्क्रीन टाइम को सीमित करना और आंखों को आराम देने के लिए नियमित ब्रेक लेना जरूरी है.
अनहेल्दी आहार
दिमाग के लिए भी सही खान-पान जरूरी है। फैट, शुगर और प्रोसेस्ड फूड से भरपूर डाइट दिमाग के विकास को बाधित कर सकता है
और न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों के खतरे को बढ़ा सकता है. फल, सब्जियां, साबुत अनाज और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर डाइट दिमाग के लिए फायदेमंद होता है.
धूम्रपान और शराब का सेवन
धूम्रपान और शराब का सेवन दिमाग के लिए बेहद हानिकारक है. ये नशे की चीजें ब्रेन सेल्स को नुकसान पहुंचाती हैं,
याददाश कमजोर करती हैं और सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित करती हैं. धूम्रपान और शराब का सेवन पूरी तरह से बंद करना दिमाग के लिए सबसे अच्छा उपाय है.
तनाव और एंग्जाइटी
लंबे समय तक तनाव और एंग्जाइटी में रहना दिमाग के लिए खतरनाक हो सकता है. तनाव हार्मोन ब्रेन सेल्स को नुकसान पहुंचा सकते हैं और याददाश्त कमजोर कर सकते हैं.
यह भी पढ़ें :अभी-अभी घर में गूंजी हैं किलकारियां, Health Insurance लेने का है प्लान तो इन बातों का रखें ध्यान
तनाव को कम करने के लिए योग, ध्यान, प्राणायाम और अन्य तनाव कम करने वाली तकनीकों का अभ्यास करना जरूरी है.
कम शारीरिक गतिविधि
नियमित शारीरिक गतिविधि न केवल शरीर के लिए बल्कि दिमाग के लिए भी फायदेमंद होती है। व्यायाम दिमाग में नए न्यूरॉन्स के निर्माण को बढ़ावा देता है,
याददाश को मजबूत करता है और तनाव को कम करता है. हफ्ते में कम से कम 150 मिनट मध्यम या 75 मिनट तीव्र व्यायाम करना चाहिए.
