Aircraft: क्या छोटी सी चीड़िया बड़ी फ्लाइट के लिए बन सकता है खतरनाक? इमरजेंसी लैंडिंग की आ जाती है नौबत
Aircraft: सोमवार (17 जून) देर रात को वर्जिन ऑस्ट्रेलिया की फ्लाइट VA 148 न्यूजीलैंड के क्वीन्सटाउन से मेलबर्न के लिए रवाना हुई थी।
उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद बोइंग 737-800 जेट के दाहिने इंजन से तेज धमाका हुआ और आग की लपटें उठने लगी।
विमान में उस समय चालक दल से सदस्य समेत 73 यात्री सवार थे। पायलट ने जैसे-तैसे इन्वरकार्गिल हवाई अड्डे पर सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग की।
पक्षी का Aircraft से टकराना कितना खतरनाक?
वर्जिन ऑस्ट्रेलिया ने बताया कि ‘पक्षी के विमान से टकराने’ से Aircraft के इंजन में आग लगी हुई होगी। हालांकि, क्वीन्सटाउन हवाई अड्डे ने पक्षी हमले की संभावना को सिरे से नकार दिया है।
उनका कहना है कि उस समय हवाई क्षेत्र में कोई पक्षी नहीं देखा गया था।’ जानकारी के लिए बता दें कि पक्षियों का विमान से टकराना एक आम बात है। इससे Aircraft को नुकसान पहुंच सकता है और लोगों की जान को भी खतरा होता है।
पक्षियों का विमान से टकराना आम क्यों?
विमान से पक्षी का टकराना कभी भी ठीक नहीं होता है। भले ही हम ये मानते है कि एक छोटी सी चीड़िया भले इतने बड़े फ्लाइट को क्या ही नुकसान पहुंचाएगा? लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है।
एक छोटी चिड़िया अगर फ्लाइट से टकराई तो इससे विमान के इंजन को नुकसान पहुंच सकता है। साथ ही Aircraft में सवार लोगों के लिए भी मुश्किलें पैदा हो सकती है।
अब तक कितने पक्षियों की हो गई मौत?
The Conversation की एक रिपोर्ट के अनुसार, पहला पक्षी 1905 में ओहियो में हुआ था। हालांकि, सबसे मशहूर पक्षी हमला 2009 में हुआ था,
जब न्यूयॉर्क के लागार्डिया एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद यूएस एयरवेज की फ्लाइट 1549 को प्रवासी कनाडाई गीज के झुंड से टकरा गई थी। पक्षी के टकराने से विमान के दोनों इंजन फेल हो गए थे।
कैप्टन सुली सुलेनबर्गर को हडसन नदी में बिना पावर के विमान को उतारना पड़ा था। 2008 और 2017 के बीच, ऑस्ट्रेलियाई परिवहन सुरक्षा बोर्ड ने 16,626 पक्षी हमलों को दर्ज किया है। अमेरिका में, संघीय विमानन प्रशासन ने अकेले 2022 में 17,200 पक्षी हमलों की सूचना दी।
पक्षी टकराने से क्या होता हैं?
अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन के अनुसार, 90% पक्षी हवाई अड्डों के पास टकराते हैं। आम तौर पर, यह तब होता है जब विमान उड़ान भर रहे होते हैं या लैंड कर रहे होते हैं,
या कम ऊंचाई पर उड़ रहे होते हैं। इस जगहों पर पक्षियों की गतिविधि सबसे अधिक होती है। अगर पक्षी विमान से टकराया तो इंजन बंद हो सकता है।
पक्षियों के टकराने से 262 मौतें
हैरानी की बात यह है कि 1988 से, दुनिया भर में पक्षियों के टकराने से 262 मौतें हुई हैं और 250 विमान नष्ट हो गए हैं। विमान का पक्षियों से टकराना आमतौर पर या तो सुबह या सूर्यास्त के समय होता हैं।
इस दौरान पक्षी सबसे अधिक एक्टिव रहते हैं। पायलटों को इन समयों के दौरान सतर्क रहने के ट्रेन किया जाता है।
पक्षियों के झुंड को ट्रैक करने के लिए रडार का उपयोग किया जा सकता है। हालांकि, इसका उपयोग हर जगह नहीं किया जा सकता है।
