accidents:इस हादसे में कितने लोगों की गई जान, किसपर गिरी गाज…जानें घटना के 24 घंटे बाद क्या-क्या हुआ
गुजरात के मोरबी में मच्छू नदी पर बना करीब 100 साल पुराना सस्पेंशन ब्रिज रविवार को ढह गया.
पुलिस ने कहा कि इस दर्दनाक हादसे में अब तक 136 लोगों के मारे जाने की खबर है,
जबकि दो लापता हैं. खोज और बचाव कार्य जारी है. पीएम मोदी मंगलवार को मोरबी जाएंगे और वे
पीड़ित परिवारों से मुलाकात भी कर सकते हैं. इस बीच घटना की जांच के लिए एक पैनल का गठन किया गया है.
साथ ही मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की
अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है. पुलिस ने बताया कि हादसे में लापरवाही के आरोप में अब तक चार लोगों की
गिरफ्तारी हो चुकी है. आइये आपको बताते हैं इस हादसे को लेकर अबतक का पूरा अपडेट.
राहत-बचाव कार्य में लगी भारतीय सेना
हादसे के बाद से लगातार बचाव और राहत अभियान जारी है. सूत्रों ने बताया कि भारतीय सेना
एचएडीआर (मानवीय सहायता और आपदा राहत) के लिए प्रशासन और अन्य सभी एजेंसियों की मदद के लिए पूरी
तरह से प्रतिबद्ध है. ताकि जानमाल की हानि को रोका जा सके, बचे हुए लोगों का इलाज किया जा सके
और सर्च ऑपरेशन के हिस्से के रूप में शेष शवों को बरामद किया जा सके.
हादसे का जिम्मेदार कौन?
हादसे को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने आज भी समीक्षा बैठक की.
उन्होंने घटना स्थल का निरीक्षण किया. सोमवार को समीक्षा बैठक के बाद उन्होंने रविवार को मच्छू नदी पर
हैंगिंग ब्रिज गिरने के बाद चल रहे बचाव अभियान का भी जायजा लिया.
उधर, पुलिस ने बताया कि हादसे की खामियों और इसके पीछे जिम्मेदार लोगों की धर-पकड़ के लिए
लगातार ऑपरेशन जारी है. ब्रिज के रखरखाव और संचालन एजेंसियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है.
पुलिस ने कहा कि हादसे को लेकर कुछ लोगों से पूछताछ भी की गई है. चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.
जानें FIR में किस पर लगा आरोप
प्राथमिकी के अनुसार यह घटना एजेंसी के लोगों के क्रूर रवैये के कारण हुई.
एफआईआर में आगे कहा गया है कि संबंधित व्यक्तियों या एजेंसियों ने पुल के रखरखाव की गुणवत्ता के साथ-साथ
मरम्मत कार्य पर भी ध्यान नहीं दिया. प्राथमिकी में कहा गया है कि एजेंसी ने घोर लापरवाही की है.
यह जानते हुए भी कि पुल के रखरखाव और प्रबंधन में उनके कठोर दृष्टिकोण से मानव मृत्यु हो सकती है
, इसे पर्यटकों के लिए खोला गया. पुलिस 9 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.
गुजरात सीएमओ हैंडल से सोमवार को ट्वीट कर जानकारी दी गई कि पीएम मोदी कल मंगलवार को मोरबी जाएंगे.
प्रत्यक्षदर्शी का चौंकाने वाला खुलासा
एक प्रत्यक्षदर्शी विजय गोस्वामी ने कहा कि हादसे से पहले पुल पर भारी भीड़ थी. कुछ शरारती युवक पुल को हिलाने
लगे. चूंकि मुझे लग रहा था कि यह खतरनाक साबित हो सकता है,’ इसलिए मैं और मेरा परिवार पुल पर कुछ दूरी तय करके वापस आ गए.
