निवेश की दुनिया में भी Mutual Funds पहली पसंद, महिलाओं का जलवा! खूब लगा रहीं पैसे…
Mutual Funds: महिलाएं आज किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं है, बात अगर सेविंग्स (Women Savings) और इन्वेस्टमेंट (Investment) की करें, तो इस मामले में भी वे आगे नजर आ रही है.
खासकर शेयर बाजार (Share Market) में महिलाओं की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है. एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स यानी एम्फी (AMFI) की ताजा रिपोर्ट में बताया गया है कि म्यूचुअल फंड में महिला निवेशकों की हिस्सेदारी में तगड़ा उछाल आया है और ये करीब 21 फीसदी तक पहुंच गई है.
म्यूचुअल फंड में महिलाओं की दिलचस्पी
AMFI ने म्यूचुअल फंड में महिला निवेशकों की बढ़ती रुचि के जो आंकड़े जारी किए हैं, उनके मुताबिक मार्च 2017 में इनकी MF Investment में हिस्सेदारी 15 फीसदी थी.
लेकिन दिसंबर 2023 तक ये बढ़कर 20.9 फीसदी पर पहुंच गई है. ये आंकड़े साफ करते हैं म्यूचुअल फंड इन्वेस्टमेंट में महिला इन्वेस्टर्स की दिलचस्पी बढ़ी है.
B-30 शहरों में महिला पोर्टफोलियो और म्यूचुअल फंड में हिस्सेदारी क्रमशः 15% से बढ़कर 18% और 17% से 28% हो गई है.
गोवा की महिलाएं सबसे आगे
क्रिसिल (Crisil) द्वारा तैयार की गई एम्फी के इस रिपोर्ट में बताया गया है कि म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाली कुल महिलाओं में करीब 50% इन्वेस्टर्स की आयु 25 से 44 वर्ष के बीच है.
इसके अलावा एक और खास बात ये सामने आई है, कि MF Industry में गोवा (Goa) की महिलाओं की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है,
जो करीब 40 फीसदी है. इसके बाद पूर्वोत्तर राज्यों की 30 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि चंडीगढ़, महाराष्ट्र और नई दिल्ली में भी महिलाओं इन्वेस्टर्स 30 फीसदी से ज्यादा हैं.
प्लान के तहत पैसे लगा रही हैं महिलाएं
क्रिसिल की इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि Mutual Funds में निवेश करने वालीं ज्यादातर महिला निवेशक रेगुलर इन्वेस्टमेंट प्लान के तहत पैसे लगाती हैं और जब Mutual Funds वितरक के माध्यम से निवेश करती है तो निवेश की अवधि लंबी होती है.
महिला Mutual Funds वितरकों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हुई है, दिसंबर 2023 तक ये रजिस्ट्रेशन 42,000 तक पहुंच गए और एयूएम में करीब 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रबंधन किया गया है.
बीते साल म्यूचुअल फंड ने किया कमाल
गौरतलब है कि एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) ने जनवरी महीने में म्यूचुअल फंड एसेट्स के आंकड़े जारी किए थे.
इनमें बताया गया था कि साल 2023 में देश के म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का कुल असेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 50 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया,
एक रिकॉर्ड है. ऐसा पहली बार हुआ है कि इंडस्ट्री का एयूएम इस आंकड़े के पार निकला है. साल 2013 में इंडस्ट्री का कुल एयूएम 8.25 लाख करोड़ रुपये था, जो कि साल 2023 के अंत में बढ़ कर 50 लाख करोड़ रुपये से भी ऊपर पहुंच गया है.
(नोट- शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)
