Train Accident: मां-बाप मर चुके थे, बच्चे ने भी रोते-रोते जान दे दी; ओडिशा ट्रेन हादसे का खौफनाक मंजर
Train Accident: ओडिशा के बालासोर इलाके में हुए भीषण ट्रेन हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन भले ही पूरा कर लिया गया हो लेकिन, अभी यह कहना मुश्किल है
कि मृतकों की संख्या में इजाफा नहीं हो सकता। अस्पताल में भर्ती 900 से ज्यादा घायलों में कईयों की हालत बेहद गंभीर है।
ट्रेन हादसे का मंजर इतना भयावह है कि सुनकर ही आंसू निकल आएं। किसी का हाथ नहीं, किसी का न पैर। कोई 10 से 15 शवों के नीचे दबा है।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बचाव दल ने युद्ध स्तर पर सैंकड़ों लोगों की जान बचाई। बालासोर ट्रेन हादसे की कई रुला देने वाली कहानी है,
जिसे सुनकर किसी का भी दिल पसीज जाए। एक चश्मदीद ने बताया- मां-बाप मर चुके थे और बच्चे ने भी उनके सामने रो-रोकर जान दे दी। मंजर बेहद खौफनाक था।
सामाचार रिपोर्ट्स के अनुसार, बालासोर ट्रेन हादसे में मरने वालों की संख्या कम से कम 261 है। जबकि, 900 से अधिक घायल हैं,
जिसमें से कई अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि घायलों को अस्पताल में ही 50-50 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी जा रही है।
उधर, पीएम मोदी ने इस हादसे पर दुख जताया और विशेष बैठक बुलाई।
प्रधानमंत्री आज बालासोर इलाके में हादसे वाली जगह का मुआयना करेंगे। इस दौरान वे घायलों से भी मुलाकात करेंगे।
मंजर खौफनाक, हर तरफ लाशें
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, चश्मदीदों ने ओडिशा ट्रेन हादसे की खौफनाक कहानी का आंखो-देखा हाल सुनाया।
एक चश्मदीद टूटू विश्वास ने बताया कि जब यह हादसा हुआ तो वो अपने घर पर थे। यह किसी धमाके की आवाज जैसा था।
जैसे ही मैं घर से बाहर निकला, सबकुछ बदल चुका था। ट्रेन के अंदर और बाहर लाशें पड़ी थी।
जब मैं पहुंचा तो बहुत से लोग घायल थे, वे प्यास से तड़प रहे थे। मैं कुछ ही लोगों की मदद कर पाया।
बच्चे ने रोते-रोते दे दी जान
टूटू विश्वास ने आगे बताया कि एक बच्चे के सामने उसके मां-बाप के शव पड़े थे। उसने भी रोते-रोते अपनी जान दे दी। यह मंजर बहुत भयानक और असहनीय था।
मैं अपने शब्दों से इस हादसे को बयां नहीं कर सकता। कई घायल ट्रेन से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। कुछ घायलों को हम मदद करके बस स्टॉप तक लेकर आए।
वे लोग हमे धन्यवाद कह रहे थे। उस वक्त दिमाग में कुछ नहीं चल रहा था। हर तरफ खून फैला हुआ था।
रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा
रेलवे के प्रवक्ता अमिताभ शर्मा ने एक बयान में कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो चुका है,
अब हम रेस्टोरेशन का काम शुरू कर रहे हैं। इस रूट पर कवच उपलब्ध नहीं था। उन्होंने आगे कहा कि घायलों को
अस्पताल में ही आर्थिक मदद दी जा रही है। रेलवे की तरफ से घायलों को अस्पताल में ही 50-50 हजार रुपए की मदद की जा रही है।
