tourist guide: 500 नेचर टूरिस्ट गाइड पर्यटकों को पहाड़ और जंगल की सैर कराएंगे
tourist guide: उत्तराखंड को प्रकृति ने ऐसी सुंदरता दी है कि पर्यटक यहां आकर अपने सारे दुख,
परेशानी भूलना चाहते हैं. उत्तराखंड सरकार प्रकृति के माध्यम से ही रोजगार
और स्वरोजगार सृजन कर युवाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के कार्यक्रम चला रही है.
ऐसा ही एक प्रोग्राम है नेचर टूर गाइड ट्रेनिंग. इस कार्यक्रम के तहत
उत्तराखंड के ५०० युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है. सरकार नए पर्यटन स्थल विकसित करने के साथ
ही स्किल्ड गाइड तैयार कर पर्यटकों के अनुभव को यादगार बनाना चाहती है.
नैसर्गिक सौंदर्य से परिपूर्ण उत्तराखंड इस लिहाज से किसी भी मायने में देश-दुनिया के
अन्य हिस्सों से कमतर नहीं है। इसके बावजूद भी कई फीसदी वन भूभाग वाले इस सूबे में
पर्यटन गतिविधियां कुछ एक क्षेत्रों तक सिमटी हुई हैं। बड़ी संख्या में ऐसे स्थल हैं,
जो आज भी सैलानियों की नजरों से दूर हैं लेकिन पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
ऐसे में नेचर गाइड कुदरत की खूबसूरती बयां करके पर्यटकों को प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरण की
जानकारी देगा और साथ ही स्थानीय क्षेत्र की वनस्पतियों और जीव-जंतुओं के संरक्षण के बारे में बताएगा।
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पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग को नेचर टूरिस्ट गाइड का प्रशिक्षण दिया गया।
इस प्रशिक्षण में छात्र-छात्राओं को प्रत्येक सत्र में स्थानीय प्राकृतिक धरोहरों,
प्राकृतिक वनस्पतियों, पशु-पक्षियों, वन्यजीव पर्यटन तथा इको टूरिज्म के विषय में विस्तृत जानकारी दी गयी ।
प्रशिक्षण अवधि में छात्र-छात्राओं को स्थानीय पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया गया
तथा संगोष्ठी का आयोजन कर प्रशिक्षित किया गया। उत्तराखंड के मसूरी, नानकमत्ता ,
कोटद्वार, कालाढूंगी , झिलमिल, पंगोट , डाकपत्थर, बिनसर, अगस्तमुनि, कपकोट ,
सांकरी , लोहाघाट, मुनस्यारी में कुल 500 युवक एवं युवतियों को गाइड का प्रशिक्षण दिया गया।
उपरोक्त गाइड्स वर्ड वाचिंग, सफारी, ट्रेकिंग, माउंटेरिंग समेत पर्यटकों को जंगलों की
सैर कराने में मार्गदर्शन करेंगे। ये नेचर गाइड (Nature Guide) आने वाले दिनों में
पर्यटकों को उत्तराखंड की प्राकृतिक धरोहरों, प्राकृतिक वनस्पतियों, पशु-पक्षियों,वन्यजीव पर्यटन तथा
इको टूरिज्म के बारे में बताएंगे। इससे इन स्थानीय युवाओं की आजीविका के अवसरों में भी वृद्धि होगी।
