Stork: UP में सारस की गिनती पूरी, इस जिले में सबसे ज्यादा मिला राज्य पक्षी, अब यह तैयारी

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Stork: UP में सारस की गिनती पूरी, इस जिले में सबसे ज्यादा मिला राज्य पक्षी, अब यह तैयारी

Stork: यूपी में राज्य पक्षी सारस की गिनती पूरी हो गई है। दो दिन चली गिनती के बाद इटावा में सबसे

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ज्यादा सारस मिले हैं। फिलहाल पिछले साल से 420 सारस ज्यादा मिले हैं।

प्रदेश में 19600 सारस देखे गए हैं। 11 साल पहलेमें (गणना शुरू होने से अब तक) सारस की संख्या 73 प्रतिशत बढ़ी है।

सबसे ज्यादा 3280 सारस (Stork) इटावा जिले में पाई गई है। इस तरह

सारस (Stork) पक्षी की संख्या में इटावा सभी जिलों में टॉप पर है।

इटावा के जिला प्रभागीय वन अधिकारी अतुल कांत शुक्ला ने आज यूनीवार्ता को

एक विशेष भेंट में बताया कि 26 और 27 जून को हुई गणना में इटावा जनपद में 3280 सारस पक्षी पाए गए हैं,

राज्य के किसी भी जिले में यह संख्या सबसे अधिक पाई गई है। इस संख्या के सामने आने के बाद

इटावा के वन विभाग के सभी अफसर व वन्यजीव विशेषज्ञ प्रफुल्लित नजर आ रहे हैं।

शुक्ला का मानना है कि इटावा जनपद में सारस पक्षी की सबसे अधिक संख्या में पाया जाना लोगों का

सारस (Stork) पक्षी के प्रति प्रेम और संरक्षण की भावना को प्रदर्शित करता है।

इटावा के किसान और लोग नश्चिति है कि राज्य सरकार की ओर से सारस पक्षी के

संरक्षण की दिशा में चलाई जा रही योजनाओं के मद्देनजर इस बात को कहने में कोई गुरेज नहीं है

कि इटावा के लोग सारस पक्षी के संरक्षण के प्रति भावनात्मक तौर पर लगाव रखते है।

इसी का नतीजा यह देखने को मिल रहा हैं कि आज सारस पक्षी की गणना में उत्तर प्रदेश का इटावा जिला राज्य में

सबसे टॉप पर आया है। शुक्ला ने बताया कि सारस की गणना के लिए 66 साइट चुनी गई थी

तथा 15 टीमों का गठन किया था और प्रत्येक टीम में 5 कर्मचारी अधिकारी शामिल किए गए थे।

जन्हिोंने सभी साइटों पर जाकर सारस की गणना का काम किया।

दो दिनों तक अभियान चलाया गया और इस अभियान में इन टीमों ने जिले के अलग-अलग स्थानों पर

सुबह तथा शाम सारस की पहचान की और उसकी गणना की। इसके बाद यह साफ हुआ है

कि जिले में 3280 सारस हैं। इससे एक बात यह भी साफ हो गई है

कि सारस की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है जो कि एक अच्छा संकेत है।

इटावा में सरसईनावर वेटलैंड सहित 66 ऐसे स्थान हैं जहां सारस पाए जाते हैं।

वेटलैंड के साथ ही चंबल सेंचुरी क्षेत्र में भी पाए गए। अवयस्क सारस मिलने से यह भी साफ हो गया है

कि सारसों का कुनबा बढ़ रहा है। वन विभाग ने स्वयंसेवी संस्थाओं,

जागरूक नागरिकों तथा स्कूली बच्चों का सहयोग से जिले की 66 साइट पर सारस की गणना की है।

अब सारसों के संरक्षण के लिए भी पर्याप्त उपाय किए जा रहे हैं।

26 और 27 जून को सारस की गिनती में वन विभाग के अधिकारियों, ग्राम प्रधान, एनजीओ, स्कूल-कॉलेज के छात्रों

को भी शामिल किया गया था। वन विभाग की ओर से नर्धिारित की गई टीमों ने दो दिन चह्निति स्थानों पर

सारस की गणना की। दो दिन में चार बार सुबह 06 से 08 बजे तक और शाम को 04 से 06 बजे तक की गई।

चह्निति स्थानों के अलावा भी जहां से सूचना मिली, वहां भी टीमें गईं।

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Ajay Sharmahttps://computersjagat.com
Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

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