right to Information: तहसीलदार और लेखपाल को सूचना छिपाना पड़ा महंगा, दर्ज हुआ मुकदमा
right to Information: बलिया जिले में सूचना का अधिकार (आरटीआई)के तहत मांगी सूचना छिपाने के आरोप में नगर कोतवाली पुलिस ने सदर तहसील के
तत्कालीन तहसीलदार, कानूनगो व लेखपाल के खिलाफ छल व कूटरचना का केस दर्ज किया है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है।
नरहीं थाना क्षेत्र के कोठियां निवासी परशुराम राय ने धारा 156 (3) के तहत कोर्ट में वाद दाखिल किया।
उन्होंने न्यायालय को बताया कि आरटीआई एक्ट के तहत नौ मार्च 2022 को जनसूचना अधिकारी एसडीएम (सदर) से
अतिक्रमण के सम्बंद्ध में छह बिंदु की सूचना मांगी थी। इस पर सहायक जनसूचना अधिकारी तहसीलदार (सदर) ने
11 मई 2022 को दो बिंदु की सूचना प्रश्नवाचक कहकर देने से इनकार कर दिया,
जबकि मेरी सूचना प्रश्नवाचक नहीं थी। 27 अगस्त को इस पर आपत्ति किया,
जिसका निस्तारण करते हुए 19 अक्तूबर 2022 को दो अलग-अलग सूचनाएं दी गयीं।
इसमें एक जमीन पर हुए अतिक्रमण को प्रदर्शित नहीं किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया
कि तत्कालीन तहसीलदार ने मानचित्र में मौजूद कुआं व त्रिभुजाकार निशान को छिपाकर गुमराह करने के उद्देश्य से
फर्जी सूचना देकर आरटीआई एक्ट की कई धाराओं की अवज्ञा की है।
कोर्ट के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने तत्कालीन तहसीलदार सदानंद सरोज,
कानूनगों सर्किल सोहांव रणजीत सिंह व हल्का लेखपाल तारा राकेश आनंद के खिलाफ
धारा 420, 465, 468 व 471 आईपीसी के तहत केस दर्ज किया है।
