Python: यहां 30 दिन में निकले 45 अजगर, वन विभाग ने किया अलर्ट, यह बताया कारण
Python: यूपी के लखीमपुरखीरी के लोग इन दिनों अजगर से परेशान हैं।
यहां 30 दिनों में ही 45 अजगर निकल चुके हैं। अजगर जानवरों और छोटे बच्चों के लिए खतरा बने हुए हैं।
इसे लेकर वन विभाग ने अलर्ट भी जारी किया है।वन विभाग के कहना है
कि कड़ाके की ठंड का असर इंसान के साथ ही वन्यजीवों पर भी पड़ रहा है।
जंगल के भीतर कड़ाके की ठंडा के चलते वन्य जीव धूप लेने बाहर निकल रहे हैं।
अजगर रेंगकर उस जगह पहुंच रहे हैं, जहां धूप ज्यादा हो और छांव कम हो लेकिन उनका
यह धूप सेंकना लोगों को टेंशन दे रहा है। इसकी वजह यह है कि
जंगल से खेत या बस्ती की ओर गए अजगरों से छोटे मवेशियों और बच्चों को खतरा हो सकता है।
इन दिनों सर्द हवाएं, कोहरा और गलन का आलम है। इसका असर इंसानों पर तो पड़ ही रहा है
लेकिन वन्यजीव भी ठंड से अछूते नहीं हैं। वन्यजीवों के पास इस मौसम का सिर्फ कुदरती इलाज है।
मगरमच्छ की तरह ही आजगर को भी धूप बेहद पसंद है। खासकर सर्दी के मौसम की
गुनगुनी धूप अजगर को आकर्षित करती है। सर्दी के मौसम में अजगर धूप सेंकने के लिए बाहर आ रहे हैं।
यही वजह है कि जिले में इन दिनों आए दिन ही किसी न किसी गांव में अजगर देखे जाने की खबर मिल रही है।
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कभी-कभी अजगर खेतों और बांस की थनिया से निकलकर ग्रामीणों के घरों के आसपास भी पहुंच जा रहे हैं।
अजगर दिखे तो विभाग को बताएं
अजगरों के बाहर निकलने को लेकर वन विभाग अलर्ट है। अपील की है
कि गांव के पास अजगर दिखे तो उससे खुद निपटने की बजाय, वन विभाग को सूचना दें।
वन विभाग इन अजगरों को पकड़ने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर
इनको जंगल में छोड़ रहा है। नवबर-दिसंबर माह में वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार
करीब 45 बार अजगर को लेकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए गए।
शरीर का तापमान बरकरार रखने को बाहर निकल रहे अजगर
बफर जोन के उप निदेशक शौरीस सहाय कहते हैं कि खीरी जिला तराई का क्षेत्र है।
इसमें हर जगह अजगर पाए जाते हैं। सर्दी के मौसम में अपने शरीर का तापमान सही रखने के लिए
अजगर बाहर निकल आते हैं। इसके चलते यह दिखाई भी अधिक पड़ते हैं।
वन विभाग रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर इन्हें फिर से जंगल में छोड़ रहा है।
