Operation Tiger: ग्रामीणों पर हमला करता रहा बाघ,भीड़ ने फेल कर दिया ऑपरेशन टाइगर
Operation Tiger: यूपी के लखीमपुर खीरी जिले में इन दिनों बाघ की चहलकदमी से ग्रामीण दहशत में हैं।
रविवार को बाघ ने खेत पर काम करने गए दो युवकों पर हमला कर दिया। बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पिंजरा भी लगाया लेकिन भीड़ के चलते ऑपरेशन फेल हो गया।
खेत में दौड़ते हुए बाघ का अब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दरअसल हैदराबाद थाना और वन रेंज गोला में रविवार को बाघ की घेराबंदी के लिए ऑपरेशन टाइगर चलाया गया।
पहले खेत और फिर गोला-बाकेगंज रोड के किनारे खड़े लोगों पर बाघ हमलावर हो गया। उसने आरएसएस के एक कार्यकर्ता को जख्मी कर डाला।
अब वन विभाग का कहना है कि भीड़ की वजह से ऑपरेशन नाकाम हुआ है। रात को फिर अभियान चलाकर बाघ को खदेड़ा जाएगा।
रविवार सुबह गांव कोरैया के दो युवकों को बाघ ने जख्मी किया। दोनों गम्भीर घायल हो गए। आसपास के लोगों की मदद से सूचना घर दी गई।
परिजन लोगों की मदद से उन्हें सीएचसी ले गए। जहां से दोनों को जिला अस्पताल भेजा गया है। एक की हालत में सुधार न होने पर उसे लखनऊ भेज दिया गया है।
इसके बाद पहुंची वन टीम ने ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस और वन विभाग की टीम बाघ को खदेड़ रही थी और बांकेगंज रोड पर दो स्थानों पर काफी भीड़ जमा थी।
चिल्ड्रेन्स एकेडमी स्कूल के पास आरएसएस के कार्यकर्ता शशिकांत कहीं से आए और भीड़ में खड़े हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पीछे से हांका लगाकर बाघ को भगाया जा रहा था। बाघ ने अचानक भीड़ पर हमला कर दिया। जिसमें शशिकांत घायल हो गए।
वन विभाग ने लगाया पिंजरा फिर हटाया
कोरैया के पास दो युवकों पर बाघ के हमले की सूचना पाकर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। भीड़ को देखकर बाघ गन्ने में जा छिपा।
वन कर्मियों ने बाघ को पकड़ने के लिए वहां पिंजरा लगा दिया, पर भीड़ कम नहीं हो रही थी।
तब पुलिस और वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से हांका लगाकर बाघ को जंगल की तरफ खदेड़ने का प्रयास शुरू किया तभी बांकेगंज रोड पर जाकर बाघ ने भीड़ पर हमला बोल दिया जिसमें आरएसएस के कार्यकर्ता घायल हो गए।
वन विभाग का दावा, भीड़ के कारण अभियान हुआ फेल
रेंजर संजीव कुमार तिवारी का कहना है कि कोरैया के पास पिंजरा लगाकर बाघ को पकड़ने की कोशिश की गई, पर भीड़ कम नहीं हो रही थी।
भीड़ ने ही शोर मचाना शुरू कर दिया जिससे बाघ भागा तो वह और उनकी टीम मॉनीटरिंग करते हुए चल रही थी। बाघ को जंगल में खदेड़ दिया गया है।
रेंजर का कहना है उन्होंने भीड़ को रोकने के लिए पुलिस से मदद भी मांगी थी। दिन में बाघ को खदेड़ना खतरे से खाली नहीं होता है।
इसीलिए उसकी निगरानी के लिए वनकर्मी तैनात कर दिए गए थे ताकि उसे रात के समय जंगल में खदेड़ा जा सके और कोई घटना ना हो।
भीड़ की वजह से आक्रामक हुआ आघ, ईट पत्थर चलाने का आरोप
डीएफओ संजय विश्वाल ने बताया रविवार को ग्रामीणों ने जंगल की तरफ जा रहे बाघ को घेर लिया था। साथ ही इस दौरान उस पर ईट पत्थर भी चलाए।
इसके चलते ही बाघ ने आक्रोशित होकर हमला कर दिया। ग्रामीणों को बाघ को लेकर सर्तकता बरतने और जागरूक करने को डब्लूटीआई टीम के साथ मिलकर अभियान चलाएगा।
बाघ पर ईट पत्थर फेकने वालो और उसका घेराव करने वालों के साथ वन विभाग के काम में रुकावट करने वालों का पता लगाकर कार्रवाई भी करने जा रहा है।
