Marriage grant: घोटाले के बाद अब शादी अनुदान के लिए नहीं मिल रहे हैं दूल्हा-दुल्हन, जानें पूरा माजरा

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Marriage grant: घोटाले के बाद अब शादी अनुदान के लिए नहीं मिल रहे हैं दूल्हा-दुल्हन, जानें पूरा माजरा

marriage grant: कानपुर में शादी अनुदान में घोटाले को लेकर हुई सख्त कार्रवाई का असर यह हुआ

कि अब अनुदान लेने के लिए जोड़े ही नहीं मिल रहे। पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशालय इस बात से नाराज है

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कि लाभार्थियों की संख्या ही कैसे घट गई। लक्ष्य हासिल करने के लिए

शासन का दबाव लगातार बढ़ रहा है, इससे अफसरों की हालत त्रिशंकु जैसी हो गई है।

खास बात यह है कि समाज कल्याण विभाग द्वारा दिया जाने वाला अनुदान बंद हो चुका है।

सिर्फ पिछड़ा वर्ग विभाग को ही 1713 जोड़ों को अनुदान देने के लिए लक्ष्य मिला था।

लाख कोशिशों के बाद भी केवल 49 जोड़ों के ही आवेदन आए। इसमें से भी 13 ही लाभार्थी सही निकले जिनका

सत्यापन किया गया। अब 1700 लाभार्थी जोड़ों की तलाश करना विभाग के लिए परेशानी का सबब बन गया है।

निदेशालय के सख्त रुख से अफसर सकते में हैं। कहां से जोड़े लाए जाएं।

ऐसे हुआ था शादी अनुदान घोटाला जिले में साल 2021 में marriage grant में बड़ा घोटाला हो गया था।

इसमें 7 करोड़ रुपये की चपत लगी थी। बिना बेटी हुए लोगों ने

marriage grant का पैसा तहसील और विभागों की मिलीभगत से ले लिया था।

 

कार्रवाई में 22 लेखपाल, तहसीलदार और समाज कल्याण अधिकारी समेत कई निलंबित किए गए थे।

इसके बाद से शादी अनुदान का सत्यापन काफी सख्ती से हो रहा है।

समाज कल्याण विभाग ने marriage grant ही बंद कर दिया और सामूहिक विवाह कराना शुरू कर दिया।

पिछले साल 142 जोड़ों को मिला था अनुदान

अभी भी पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में गरीब बेटियों की शादी के नाम पर 20 हजार रुपये का अनुदान मिलता है।

पिछले साल 829 अनुदान लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ 142 जोड़ों ने अनुदान लिया था।

लिहाजा 1 करोड़ रुपये पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने सरेंडर करके निदेशालय को भेजा था।

इस बार की स्थिति उससे भी खराब है। आवेदन आ ही नहीं रहे है।

अनुदान के लिए shaadianudaan. upsdc. gov. in पर आवेदन कर सकते हैं।

पात्रता का नियम

शहर में व्यक्ति की आय 56,460 रुपये सालाना

गांव में 46 हजार रुपये वार्षिक होनी चाहिए।

इस मामले में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कोमिल द्विवेदी ने बताया कि पिछड़ा

वर्ग का शादी अनुदान लेने के लिए कम आवेदन आ रहे हैं। इसी वजह से पिछले साल का बजट सरेंडर हुआ था।

इस बार और कम आवेदन हैं। पात्र व्यक्ति ज्यादा से ज्यादा आवेदन करके योजना का लाभ उठाएं।

 

 

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Ajay Sharmahttps://computersjagat.com
Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

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