Law and order:अब DM करेंगे कानून व्यवस्था की बैठक, योगी सरकार के निर्देश
उत्तर प्रदेश में गैर पुलिस कमिशनर प्रणाली वाले जिलों में कानून व्यवस्था की बैठक अब डीएम करेंगे।
जबकि पुलिस कमिश्नर प्रणाली वाले जिलों में कानून व्यवस्था की बैठक बुलाने की जिम्मा पुलिस आयुक्त का होगा।
Law and order: गैर पुलिस कमिशनर प्रणाली वाले जिलों में कानून व्यवस्था की बैठक अब डीएम करेंगे।
जबकि पुलिस कमिश्नर प्रणाली वाले जिलों में कानून व्यवस्था की बैठक बुलाने की जिम्मा
पुलिस आयुक्त का होगा। हाल में शासन ने इस बाबत निर्णय सभी डीएम व पुलिस कमिश्नरों को भेज दिया है।
डीएम की अध्यक्षता में Law and order की बैठक पुलिस लाइन में होगी।
इसमें जिले के एसएसपी या एसपी, एडीएम प्रशासन, अपर पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक व वरिष्ठ अभियोजन
अधिकारी व सभी थानाध्यक्ष शामिल होंगे। एसएसपी से कहा गया है
कि वे डीएम की बैठक से पहले Law and order की बैठक कर लें।
जिन जिलों में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू है, उन जनपदों में कानून-व्यवस्था की समीक्षा के लिए
पुलिस आयुक्त की अध् यक्षता में बैठक की जाएगी। इसमें अपर पुलिस आयुक्त, संयुक्त पुलिस आयुक्त,
पुलिस उप आयुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त, वरिष्ठ अभियोजन
अधिकारी, डी०जी०सी० एवं सभी थानाध्यक्ष शामिल होंगे।
मुख्य सचिव ने कहा है कि Law and order एवं विकास कार्यों की बैठक पृथक-पृथक बुलाई जाए।
यह बैठकें प्रत्येक माह मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर मासिक रैंकिंग के प्रकाशन के एक सप्ताह के भीतर की जाएं।
विकास कार्यों की समीक्षा के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक की जाएगी।
विकास कार्यों के लिए जिलों में मुख्य विकास अधिकारी सीएम – डैशबोर्ड के नोडल अधिकारी होंगे तथा
कानून व्यवस्था के लिए जिले में अपर पुलिस अधीक्षक / पुलिस उपायुक्त नोडल अधिकारी होंगे। राजस्व सम्बन्धी
प्रोजैक्टों की समीक्षा किए जाने हेतु अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) सहायक नोडल अधिकारी होंगे
