Hospital में बेड के लिए मारामारी की नौबत,यहां पर एक साथ फैले ये छ: तरह के बुखार
Hospital: लखनऊ के लोग इन दिनों एक साथ छह तरह के बुखार के हमले से बेहाल हैं।
रोजाना सैकड़ों लोग वायरल, डेंगू, चिकनगुनिया, टायफाइड, मलेरिया और सीजनल बुखार से ग्रस्त होकर
अस्पताल (hospital) पहुंच रहे हैं। इनके इलाज को लेकर डॉक्टर भी चकरा गए हैं।
नौबत ये है कि गली-मोहल्लों में लोग बुखार की चपेट में हैं और सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों में बेड पैक होने की
स्थिति है। बुखार से तप रहे मरीज को घंटों ओपीडी में डॉक्टर की सलाह और दवा के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
कुछ सरकारी अस्पतालों में तो बेड का भी संकट खड़ा हो गया है।
केजीएमयू मेडिसिन विभाग के डॉ. केके सावलानी के मुताबिक मौसम तेजी से बदल रहा है।
ऐसे में वायरल फीवर का प्रकोप है। लोग तमाम तरह के संक्रमण से भी बेहाल हैं।
यही नहीं, डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, कोरोना और टायफाइड के मरीज भी आ रहे हैं।
चिंता की बात यह है कि ज्यादातर बीमारियों के लक्षण मिलते-जुलते हैं।
कुछ बीमारियां शुरुआती जांच में पकड़ में आ रही हैं तो कुछ एक सप्ताह बाद।
ऐसे में बीमारी की पहचान और इलाज में खास सावधानी की जरूरत है।
केजीएमयू के डॉ. हरीश गुप्ता ने बताया कि धैर्य रखकर इलाज लें।
कई तरह का बुखार फैला है। आमतौर पर तीन से चार तरह का बुखार रहता है।
नेत्र, सर्जरी में भर्ती शुरू
सिविल अस्पताल में 400 से अधिक बेड हैं। 90 फीसदी बेड भरे हैं। इसमें 220 से ज्यादा बुखार पीड़ित भर्ती हैं।
नेत्र, जनरल सर्जरी समेत दूसरे विभागों में बुखार मरीजों की भर्ती शुरू कर दी गई है।
ओपीडी में 183 से अधिक बुखार पीड़ित पहुंचे। केजीएमयू और
लोहिया संस्थान में भी एक-एक बेड को लेकर मारामारी मची है।
पांच कोरोना पॉजिटिव
कोरोना संक्रमितों के आंकड़ों में उतार चढ़ाव जारी है। पांच नए लोग वायरस की चपेट में आ गए हैं।
इनमें दो पुरुष तीन महिलाएं हैं। डॉक्टरों का कहना है कि महिलाएं बाजार में ज्यादा जा रही हैं
तो अधिक संक्रमित हो रही हैं। आलमबाग, अलीगंज, मलिहाबाद,
मोहनलालगंज में एक-एक लोग वायरस की चपेट में आ गए हैं।
